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अमेरिका का ईरान पर लगातार दूसरे दिन हमला जवाब में ईरान ने कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, होर्मुज फिर बंद किया

अमेरिका ने गुरुवार सुबह ईरान के कई ठिकानों पर नए हवाई हमले किए है। यह अप्रैल में हुए सीजफायर के बाद लगातार दूसरे दिन बड़ा अटैक है।

ईरानी मीडिया के मुताबिक केश्म द्वीप, बंदर अब्बास, मीनाब और सीरिक में धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। कई इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिए गए।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान समझौते की बातचीत में देरी कर रहा है, इसलिए अमेरिका दबाव बनाए रखेगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने 49 टॉमहॉक मिसाइलें दागीं और लड़ाकू विमानों से भी हमले किए।

इसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। हालांकि, किसी नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

 जॉर्डन बोला- 5 ईरानी मिसाइलें हवा में मार गिराईं  जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि ईरान से दागी गई 5 मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।

 ईरान का दावा- अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराया तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक दक्षिणी ईरान के जाम इलाके में अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को गिराया गया। अमेरिका की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।

होर्मुज के पास टैंकर पर अमेरिकी हमला ओमान तट के पास एक ऑयल टैंकर पर अमेरिकी हमले के बाद आग लग गई। जहाज पर 24 भारतीय समेत 28 क्रू मेंबर सवार थे। एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि कुछ क्रू मेंबर लापता बताए गए।. रूस ने अमेरिका-ईरान से हमले रोकने की अपील की: मॉस्को ने दोनों देशों से संयम बरतने और सैन्य कार्रवाई बंद कर कूटनीति का रास्ता अपनाने को कहा।

 कतर का प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा कतर ने क्षेत्रीय तनाव कम करने और अमेरिका-ईरान टकराव पर बातचीत के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल ईरान भेजा है।होर्मुज स्ट्रेट के पास तेल टैंकर ‘MT सेत्तेबेल्लो’ पर हुए अमेरिकी हमले में 2 भारतीय नाविकों की मौत हो गई है, जबकि जहाज का चीफ इंजीनियर अब भी लापता बताया जा रहा है। यह जानकारी फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने दी है।

FSUI के महासचिव मनोज यादव ने कहा कि जहाज से संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है। उनके मुताबिक उपलब्ध जानकारी के अनुसार दो भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है, जबकि एक भारतीय, जो जहाज का चीफ इंजीनियर है, अब भी लापता है।यादव ने अमेरिकी नौसेना की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसे जहाज पर मौजूद भारतीयों और अन्य विदेशी नागरिकों की राष्ट्रीयता की जानकारी थी। उन्होंने कहा कि यदि जहाज ने किसी निर्देश का पालन नहीं किया था तो उसे हिरासत में लेना एक विकल्प हो सकता था।इससे पहले विदेश मंत्रालय ने ओमान तट के पास ‘MT सेत्तेबेल्लो’ पर हुए हमले की निंदा की थी। मंत्रालय के अनुसार जहाज पर मौजूद 24 भारतीयों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 3 भारतीय लापता बताए गए थे। भारतीय दूतावास ओमानी अधिकारियों के साथ मिलकर खोज एवं बचाव अभियान की निगरानी कर रहा है।

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