ग्रुप-डी कर्मचारियों खुद चुन सकेंगे कॉमन कैडर में बने रहने या छोड़ना, 6 जुलाई से खुलेगा पोर्टल, मुख्य सचिव के निर्देश जारी
हरियाणा सरकार ने ग्रुप-डी कर्मचारियों को कॉमन कैडर (Common Cadre) में बने रहने या उससे बाहर निकलने का एकमुश्त विकल्प चुनने की तारीखों और नियमों का ऐलान कर दिया है। पात्र कर्मचारी तय तिथि तक तय कर सकते हैं कि वे कॉमन कैडर में बने रहना चाहते हैं या अपने संबंधित विभाग के सेवा नियमों के तहत काम करना चाहते हैं।
1 जुलाई 2026 को मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों और प्रशासनिक सचिवों को निर्देश जारी किए हैं। विकल्प चुनने के लिए ऑनलाइन पोर्टल 6 जुलाई 2026 से लाइव होगा। कर्मचारी 20 जुलाई 2026 तक ही अपनी प्राथमिकता दर्ज करा सकेंगे। यदि कोई कर्मचारी तय तारीख के बीच अपना विकल्प दर्ज नहीं करता, तो उसे स्वत: कॉमन कैडर में बने रहने की सहमति माना जाएगा।
योग्य कर्मचारी HRMS (Human Resource Management System) पर रजिस्टर्ड अपने मोबाइल नंबर के जरिए OTP-आधारित पोर्टल पर जाकर लॉग इन कर सकते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और ओटीपी (OTP) आधारित होगी। ध्यान रहे कर्मचारी केवल अपने एचआरएमएस (HRMS) पोर्टल पर पंजीकृत मोबाइल नंबर के जरिए ही लॉगिन कर पाएंगे।
यह विकल्प मुख्य रूप से विज्ञापन संख्या 04/2018 के तहत नियुक्त किए गए सभी ग्रुप-डी कर्मचारियों और 28 मार्च 2018 से 31 मार्च 2020 के बीच अनुकंपा के आधार पर सरकारी सेवा में आए कर्मचारियों पर लागू होगा।
विकल्प के नियम और शर्तें
- जो कर्मचारी कॉमन कैडर में बने रहने का विकल्प चुनेंगे, वे हरियाणा ग्रुप-डी कर्मचारी अधिनियम 2018 (संशोधित 2020) के नियमों के अधीन ही रहेंगे।
- जो कर्मचारी इस कैडर से बाहर निकलने (Opt-out) का फैसला करेंगे, वे सीधे अपने संबंधित आवंटित विभाग के सर्विस रूल्स (सेवा नियमों) के अंतर्गत आ जाएंगे।
- यदि कोई कर्मचारी निर्धारित समय सीमा (20 जुलाई) तक कोई भी विकल्प नहीं चुनता है, तो उसे स्वचालित (Automatically) रूप से कॉमन कैडर में ही बरकरार मान लिया जाएगा।
