मध्यप्रदेश पुलिस को मिले 436 नए उप निरीक्षक और सूबेदार, 3 चरणों में संपन्न कराई गई भर्ती प्रक्रिया
मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा उप निरीक्षक एवं सूबेदारभर्ती परीक्षा-2025 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया गया है। करीब 8 वर्षो के लंबे अंतराल के बाद अब मध्य प्रदेश पुलिस को सूबेदार एवं उपनिरीक्षक संवर्ग के 436 अधिकारी मिलने जा रहे हैं।चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति की कार्यवाही नियमानुसार जल्द शुरू होगी।
इसके उपरांत सभी चयनित अभ्यर्थियों का पुलिस अकादमी भौंरी एवं आरएपीटीसी इंदौर में आधारभूत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें नवीन आपराधिक कानूनों, आधुनिक पुलिसिंग, अपराध अनुसंधान, साइबर अपराध जांच, फॉरेंसिक विज्ञान, तकनीक आधारित विवेचना, कानून-व्यवस्था प्रबंधन तथा जनोन्मुखी पुलिसिंग का व्यावहारिक एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे आधुनिक पुलिस व्यवस्था की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष एवं सक्षम अधिकारी के रूप में विकसित हो सकें।
गौरतलब है कि सूबेदार एवं उप निरीक्षक संवर्ग भर्ती वर्ष-2025 के अंतर्गत 500 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से तीन चरणों में संपन्न कराई गई थी। प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 16 अक्टूबर 2025 से प्रारंभ किया गया, जबकि मुख्य परीक्षा 29 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी। मुख्य परीक्षा के परिणाम के आधार पर कुल 1,639 अभ्यर्थियों (473 महिला एवं 1,166 पुरुष) का चयन अगले चरण के लिए किया गया।
इसके पश्चात चयनित अभ्यर्थियों की शारीरिक प्रवीणता परीक्षा (PET), शारीरिक माप परीक्षण (PMT), दस्तावेज़ सत्यापन एवं साक्षात्कार की प्रक्रिया हुई जो पुलिस मुख्यालय द्वारा 05 जून से 11 जून 2026 तक भोपाल एवं जबलपुर में निर्धारित मानकों और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराई गई। मंडल द्वारा 07 जुलाई 2026 को अंतिम परीक्षा परिणाम अपनी वेबसाइट पर घोषित किया गया। परिणाम के साथ पदवार, श्रेणीवार और संवर्गवार कट-ऑफ भी जारी किए गए हैं। ओबीसी वर्ग के संजय परमार ने 595.98 अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया।
सूबेदार के लिए कट-ऑफ 571.16, एसएएफ सब इंस्पेक्टर के लिए 497.27 और जिला पुलिस बल सब इंस्पेक्टर के लिए 505.20 रहा। समान अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की वरीयता आयु और आरक्षण संबंधी नियमों के आधार पर तय की गई। पूर्व सैनिकों को शासन के प्रावधानों के अनुसार मुख्य चरण की प्रारंभिक परीक्षा में 5 प्रतिशत अतिरिक्त अंकों का लाभ दिया गया। मंडल ने स्पष्ट किया है कि यदि परिणाम में किसी प्रकार की तकनीकी त्रुटि सामने आती है, तो आवश्यक संशोधन करने का अधिकार उसके पास सुरक्षित रहेगा।
बता दें कि न्यायालय के आदेश के पालन में 13 प्रतिशत पदों को रोके रखते हुए 87 प्रतिशत पदों का परिणाम जारी किया गया, जिसमें कुल 436 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इनमें 313 पुरुष एवं 123 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। शासन की मंशा के अनुरूप महिलाओं के लिए निर्धारित 35 प्रतिशत आरक्षण के अंतर्गत आरक्षित सभी 123 पदों पर महिला अभ्यर्थियों का चयन किया गया है।
