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2 दिन बाद अमेरिका का ईरान पर फिर मिसाइल हमला12 की मौत, 68 घायल; जवाब में जॉर्डन-बहरीन के अमेरिकी मिलिट्री बेस पर ईरानी स्ट्राइक

अमेरिका ने 2 दिन बाद फिर ईरान पर हमला किया है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार रात सिरिक, खुजस्तान, केश्म द्वीप और बंदर अब्बास में मिसाइल और ड्रोन स्ट्राइक की। ईरान के अनुसार इन हमलों में 12 लोगों की मौत हुई है, जबकि 68 लोग घायल हुए हैं।

ईरान का दावा है कि सिरिक में एक शादी समारोह के दौरान मिसाइल गिरने से 5 लोगों की जान गई, जिनमें 4 साल का एक बच्चा भी शामिल है। वहीं खुजस्तान प्रांत में हुए हमले में 7 लोगों की मौत और 8 लोग घायल हुए। अमेरिका का कहना है कि उसने केवल ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

हमलों के जवाब में ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर स्ट्राइक करने का दावा किया है। इससे पहले 30 अगस्त को अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित लारक द्वीप पर दो ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर हवाई हमला किया था।USS अब्राहम लिंकन थाईलैंड पहुंचा

अमेरिकी नौसेना का विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन बुधवार को थाईलैंड पहुंचा। यह युद्धपोत 200 दिनों से ज्यादा समय तक लगातार समुद्र में रहने के बाद पांच दिन के आराम के लिए यहां रुका है।

इस पोत पर करीब 5,000 सैनिक और कर्मचारी तैनात हैं। यह पश्चिम एशिया में ईरान से जुड़े मिशन पर था। लंबे समय तक समुद्र में रहने के कारण जहाज पर तैनात लोगों को किसी बंदरगाह पर रुकने का मौका नहीं मिला। इसी वजह से उनके मानसिक स्वास्थ्य और रहने की परिस्थितियों को लेकर भी चिंता जताई गई है।

ईरान का दावा- खुजस्तान में अमेरिकी मिसाइल हमले में 7 की मौत

ईरान ने दावा किया है कि खुजस्तान प्रांत में अमेरिकी मिसाइल हमले में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 घायल हुए हैं। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, अमेरिका ने प्रांत में 3 जगहों को निशाना बनाया।रिपोर्ट- रूस गुपचुप तरीके से ईरान को सुपरसोनिक मिसाइल तकनीक दे रहा

रूस कथित तौर पर ईरान को सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बनाने की तकनीक गुप्त रूप से दे रहा है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच यह सीक्रेट प्रोग्राम 2023 से चल रहा है। इसका मकसद ईरान को ऐसी तकनीक विकसित करने में मदद करना है, जिससे क्रूज मिसाइलें आवाज की गति से कई गुना तेज उड़ सकें।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोग्राम का कोडनेम C430L है। इसमें रूस के अनुभवी मिसाइल विशेषज्ञ शामिल हैं। रूस ईरान को रैमजेट प्रोपल्शन सिस्टम विकसित करने में मदद कर रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान रैमजेट सिस्टम बना चुका है और इसका फ्लाइट टेस्ट भी कर चुका है। हालांकि, अभी ऐसा कोई सबूत नहीं है कि रूस की मदद से बनी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ईरान ने तैनात कर दी है।

इस तकनीक का इस्तेमाल एंटी-शिप और जमीन पर हमला करने वाली क्रूज मिसाइलों में किया जा सकता है। तेज रफ्तार और कम ऊंचाई पर उड़ने की क्षमता के कारण ऐसी मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम के लिए रोकना मुश्किल हो सकता है। ईरान का दावा- जॉर्डन में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने इस दावे को खारिज किया है।

दो अमेरिकी अधिकारियों ने रॉयटर्स को बताया कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि ईरानी हमले जारी रहने के कारण स्थिति बदल भी सकती है।

सिरिक में शादी समारोह पर अमेरिकी हमले में 4 की मौत

ईरान की सरकारी टीवी चैनल IRIB के मुताबिक सिरिक में शादी समारोह पर हुए अमेरिकी हमले में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 लोग घायल हुए हैं।अमेरिका और ईरान के बीच जून में हुआ 60 दिन का समझौता खत्म हो गया। इसका मकसद दोनों देशों के बीच युद्ध रोकना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर विवाद का समाधान निकालना था। डेडलाइन खत्म होने के बावजूद न तो कोई फाइनल समझौता हुआ, न ही अमेरिका ने ईरान पर बड़ा हमला शुरू किया।

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