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महाकाल में रुपये5000, ओंकारेश्वर में रुपये1100 में दर्शन की डीलभास्कर स्टिंग में खुलासा…आम श्रद्धालु लाइन में, पैसे वालों की सीधी एंट्री; कर्मचारी-पुजारियों की सांठगांठ

लाइन में घंटों इंतजार या पैसे देकर मिनटों में दर्शन…मध्य प्रदेश के दो प्रमुख ज्योतिर्लिंग- महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर मेंकी पड़ताल में ऐसा ही नेटवर्क सामने आया है। सावन में श्रद्धालु बनकर की गई इन्वेस्टिगेशन में सुरक्षा गार्ड से लेकर जूता स्टैंड कर्मचारी, टिकट काउंटर स्टाफ और पुजारियों तक की भूमिका सामने आई।

कहीं रुपये1100 में 10 मिनट में दर्शन कराने की डील हुई, तो कहीं रुपये5000 में सीधे गर्भगृह तक पहुंचाने की पेशकश। भास्कर इन्वेस्टिगेशन में देखिए और पढ़िए कैसे तय होती है डील, कौन कराता है एंट्री और पैसे का खेल कैसे चलता है? ओंकारेश्वर में आम दिनों में करीब 50 हजार जबकि रविवार-सोमवार, सावन और त्योहारों पर एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु आते हैं ने इसी भीड़ के दौरान पैसे लेकर जल्दी दर्शन कराने वाले कथित नेटवर्क की पड़ताल की। रिपोर्टर ने नेटवर्क तक पहुंचने से पहले रैकी की। पहले दिन मंदिर में दर्शन की प्रक्रिया और दूसरी व्यवस्थाओं को समझा।

इस दौरान पता चला कि मंदिर की व्यवस्थाएं ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी संभालते हैं जबकि सुरक्षा की जिम्मेदारी निजी एजेंसी श्री कुंअर कंपनी के कर्मचारियों की है। मंदिर में एंट्री से लेकर जूता-चप्पल स्टैंड तक उसके सिक्योरिटी गार्ड तैनात रहते हैं। प्रोटोकॉल और टिकट काउंटर पर ट्रस्ट के कर्मचारियों की ड्यूटी रहती है।इसी पड़ताल के दौरान पैसे लेकर जल्दी दर्शन कराने वाले कथित नेटवर्क के तीन चरण सामने आए- एंट्री गेट, जूता-चप्पल स्टैंड और फिर पुजारी-दलाल तक पहुंचने की प्रक्रिया।

डोनेशन के जरिए VIP पास बनवाने की बात कही। इसके बाद उसने पैसे देकर जल्दी दर्शन कराने का विकल्प बताया।

अशोक: पंडित लोग करवाते हैं, 2100 से 2200 रुपए लेते हैं एक व्यक्ति का। वो 30 मिनट में आपको दर्शन कराकर बाहर कर देगा।

रिपोर्टर: 5 लोग हैं, कुछ कम नहीं होगा?

इसके बाद अशोक ने अपने फोन से अंदर बैठे एक पंडित को कॉल किया। पंडित ने कहा, ‘5 लोगों के 11 हजार रुपए लगेंगे।’ रिपोर्टर के मना करने पर अशोक ने कहा- अंदर अधिकारी बैठे हैं, इसलिए इससे कम में कोई तैयार नहीं होगा।इसके बाद भास्कर की टीम नर्मदा घाट के पास ओंकारेश्वर ट्रस्ट के टिकट काउंटर पर पहुंची। यहां कर्मचारी रौनक से बातचीत हुई।

रौनक: टिकट तो ऑनलाइन बुक होती है। अभी 2 से ढाई घंटे लगेंगे।

रिपोर्टर: भैया, हमारी 8 बजे इंदौर से ट्रेन है। कोई पुजारी जी का नंबर हो तो दे दीजिए।

रौनक: पैसा ज्यादा लगेगा। एक व्यक्ति का 2000 रुपए। वो आगे से प्रोटोकॉल डलवाएंगे।

इसके बाद रौनक ने कथित दलाल और पंडित अभिषेक चौबे का मोबाइल नंबर (8815xxx880) रिपोर्टर को दिया।रिपोर्टर ने अभिषेक चौबे से संपर्क किया। अभिषेक ने पहले अकेले मिलने की पुष्टि की। इसके बाद रुपये500 UPI से ट्रांसफर करवाए और आधार कार्ड मांगा। उसने रिपोर्टर को झूला पुल के पास टिकट काउंटर पर बुलाया। अभिषेक ने अपना फोन काउंटर पर दिखाया। वहां से रसीद कटी और रिपोर्टर के हाथ में ‘टिकट बैंड’ बांधा गया।

इसके बाद अभिषेक रिपोर्टर को VIP गैलरी से मंदिर के अंदर ले गया। दर्शन के बाद एग्जिट गेट पर उसने बाकी रुपये600 नकद लिए। यानी कुल रुपये1100 में करीब 10 मिनट में दर्शन करा दिए गरात 9 बजे टीम दोबारा नर्मदा घाट काउंटर पहुंची। वहां सुरक्षा गार्ड ने फिर एक पंडित का नंबर दिया। बातचीत में पंडित ने बताया कि रुपये2100 की रकम में उसे सिर्फरुपये100-200 मिलते हैं।

पंडित: लाइन से चले जाओ, 15-20 मिनट में दर्शन हो जाएंगे। हमें तो (2100 में से) सिर्फ 100-200 रुपए ही मिलेंगे। क्यों फोकट  गर्भगृह में एंट्री के लिए रुपये5000 की डीलउज्जैन के महाकाल मंदिर में भी स्टिंग के दौरान जल्दी दर्शन के लिए पैसे मांगने का मामला सामने आया। भास्कर रिपोर्टर को सोर्स के जरिए शयन आरती कराने वाले पंडित दिनेश त्रिवेदी का नंबर मिला। फोन पर बातचीत में उन्होंने रात 8 बजे गर्भगृह में दर्शन कराने की बात कही और इसके लिए  रुपये5000 मांगे।

बिना टिकट अंदर प्रवेश कराया

शाम को दिनेश त्रिवेदी के शिष्य आर्यन बरोदिया ने रिपोर्टर को फोन कर गेट नंबर 1 पर बुलाया। नियमानुसार यहां प्रवेश के लिए रुपये250 की सुगम दर्शन टिकट जरूरी है। रिपोर्टर ने टिकट नहीं मिलने की बात कही। इसके बाद आर्यन गेट पर पहुंचा और सुरक्षाकर्मियों के बीच से रिपोर्टर को बिना टिकट अंदर ले गया।करीब 6 मिनट में रिपोर्टर नंदी मंडपम पहुंचा, जहां दिनेश त्रिवेदी मौजूद थे। दिनेश ने पैसों की बात की, लेकिन रिपोर्टर ऑनलाइन पेमेंट का बहाना बनाकर वहां से बाहर निकल आया।

 

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