मध्य प्रदेश मौसम छाए रहेंगे बादल, आज इन जिलों में बारिश के आसार, 4 शहरों से मानसून विदा, पढ़े IMD का नया अपडेट
निम्न दबाव के क्षेत्र और चक्रवात के असर से आज गुरूवार से मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। अगले 24 घंटे में रीवा, शहडोल, जबलपुर, नर्मदापुरम, भोपाल, इंदौर संभाग के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी।फिलहाल शनिवार तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। इधर, पश्चिम मानसून की नीमच, श्योपुर, मुरैना तथा भिंड ज़िलों से विदाई हो गई है। आने वाले 2 से 3 दिनों में मध्यप्रदेश के कुछ और भागों से मानसून की वापसी होने की संभावना है।
भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, अनूपपुर, शहडोल उमरिया
4 जिलों से मानसून विदा, वर्तमान में सक्रिय है ये मौसम प्रणालियां
- दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश के कुछ भागों से हो गई है। यह वापसी मुख्यतः नीमच, श्योपुर, मुरैना तथा भिंड ज़िलों से दर्ज की गई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून आज पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के शेष हिस्सों; गुजरात और राजस्थान के कुछ और हिस्सों; और मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों से वापस चला गया है। अगले 2-3 दिनों के दौरान गुजरात, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के शेष हिस्सों; मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं।
- एक निम्न दबाव क्षेत्र, उत्तरी ओडिशा और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और गंगीय पश्चिम बंगाल के आसपास के क्षेत्रों पर बना है। इससे जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण माध्य समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर की ऊंचाई पर सक्रिय है और ऊँचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुक रहा है। अगले 12 घंटों के दौरान इसके इसी क्षेत्र में बने रहने और कम स्पष्ट होने की संभावना है। 25 सितंबर को बंगाल की खाड़ी के उत्तरी और उससे सटे मध्य भाग में एक निम्न दाब क्षेत्र बनने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र और आसपास के मध्य भागों पर ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी और 4.5 किमी की ऊंचाई के मध्य
- 1 जून से 24 सितंबर तक कहां कितनी हुई वर्षा
- मध्य प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 20% अधिक वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 15% और पश्चिमी मध्य प्रदेश 24% अधिक वर्षा हुई है। एमपी में अब तक 44 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन की 118 प्रतिशत है। अब तक 36.8 इंच बारिश होनी थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।
- सबसे कम बारिश वाले जिलों में बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा खरगोन और शाजापुर शामिल हैं।सबसे कम बारिश खरगोन में 27.3 इंच , शाजापुर में 28.7 इंच, खंडवा में 29.1 इंच, बड़वानी में 30.9 इंच और धार में 32.8 इंच हुई है।
- ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है। इस बार गुना में सबसे ज्यादा 65.4 इंच पानी गिर चुका है। रायसेन में 61.1 इंच, मंडला में 60 इंच, श्योपुर में 56.6 इंच और अशोकनगर में 56 इंच बारिश हो चुकी है।
