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सोयाबीन किसानों के लिए खुशखबरी मध्यप्रदेश में सोयाबीन पर लागू होगी भावांतर योजना” सीएम डॉ. मोहन यादव की बड़ी घोषणा, जल्द शुरु होगा पंजीयन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सोयाबीन किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना लागू की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों का कल्याण ही राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उन्हें किसी भी स्थिति में घाटा नहीं होने दिया जाएगा।

बता दें कि कांग्रेस लगातार सोयाबीन खरीद को लेकर सरकार पर आरोप लगा रही है। एक दिन पहले दिग्विजय सिंह ने कहा था कि एमपी में अभी तक सोयाबीन की खरीदी के आदेश जारी नहीं किए गए हैं और इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है क्योंकि व्यापारी उन्हें कम कीमत पर सोयाबीन खरीद रहे हैं। उससे पहले कमलनाथ भी सोयाबीन खरीद में देरी को लेकर सरकार पर निशाना साध चुके हैं।

जानिए कैसे मिलेगा भावांतर योजना का लाभ

सीएम मोहन यादव ने ऐलान किया कि इस साल सोयाबीन के किसानों को भावांतर योजना का लाभ दिया जाएगा। राज्य सरकार ने ये फैसला किसान संघों के सुझाव पर लिया है। योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को पंजीयन कराना होगा, जिसकी प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान पहले की भांति मंडियों में सोयाबीन का विक्रय करेगा। अगर एमएसपी से कम कीमत पर उसका सोयाबीन बिकता है तो किसानों के घाटे की भरपाई भावान्तर योजना के तहत सरकार करेगी। फसल के विक्रय मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर की राशि सीधे सरकार देगी। यदि मंडी में सोयाबीन का विक्रय मूल्य MSP से कम, लेकिन राज्य सरकार द्वारा घोषित औसत मॉडल भाव से अधिक है, तो किसान को एमएसपी और वास्तविक विक्रय मूल्य के अंतर की राशि दी जाएगी।

सीएम ने कहा ‘सरकार किसानों के साथ खड़ी है’

इस बार मंडी में सोयाबीन का विक्रय मूल्य 5,328 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी रही है और उनके हित के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। इससे पहले बाढ़ और येलो मोजेक जैसी समस्याओं से प्रभावित किसानों को राहत राशि प्रदान की गई है। उन्होंने कहा है कि वर्तमान में पीले मोजेक से हुए नुकसान का सर्वेक्षण जारी है और प्रभावित किसानों को उचित सहायता दी जाएगी।

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