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बिहार में मतदान जारी आज इन 12 मंत्रियों का भाग्य EVM में हो जाएगा कैद, जानें हॉट सीट के क्या हैं सियासी समीकरण

बिहार के दूसरे चरण में 12 मंत्रियों का भाग्य 11 नवंबर को EVM में बंद हो जाएगा। इनमें से एक पिछली बार निर्दलीय थे और एक बहुजन समाज पार्टी विधायक, जो इस बार जदयू के प्रत्याशी हैं। पहले चरण में जहां दो विधान पार्षदों ने विधायकी का चुनाव लड़ा, वहीं इस चरण में उतरे सभी मंत्री मौजूदा विधानसभा के सदस्य हैं। चलिए आपको बता रहे हैं कि हॉट सीटों का गुणा-गणित क्या है? बिहार में मतदान जारी है|

विधानसभा क्षेत्र 2020 (मतदान %) 2025 (सुबह 9 बजे तक %)
बेतिया 56.26 13.76%
हरसिद्धि 59.45 13.36%
झंझारपुर 56.85 12.59%
फुलपरास 63.38 13.10%
सुपौल 61.44 15.15%
छातापुर 49.73 15.33%
सिकटी 59.4 15.69
धमदाहा 63.38 16.05%
अमरपुर — 14.63%
चैनपुर — 14.55%
गया टाउन 49.73 11.14
चकाई — 15.36%

पश्चिम चंपारण
08 बेतिया से भाजपा की रेणु देवी बिहार में उप मुख्यमंत्री बनने के बाद चर्चा में आई थीं। मंत्री रेणु देवी का मुकाबला पिछली बार कांग्रेस के मदन मोहन तिवारी से हुआ था, लेकिन इस बार पार्टी ने यहां प्रत्याशी बदलते हुए वसी अहमद को उतारा है।

मधुबनी
38 झंझारपुर से भाजपा के नीतीश मिश्रा ने पिछली बार सीपीआई के राम नारायण यादव को 41788 मतों से हराया था। इस बार भी भारतीय कॉम्युनिस्ट पार्टी ने राम नारायण यादव पर ही भरोसा जताया है। यादव को इस बार मुकेश सहनी की पार्टी से बहुत उम्मीद है, क्योंकि पिछली बार वीआईपी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का घटक थी।

सुपौल
43 सुपौल से जदयू के बिजेंद्र प्रसाद यादव इस बार भी मैदान में हैं। सामने हैं कांग्रेस ने फिर से मिनतुल्लाह रहमानी को उतारा है, जो पिछली बार 28 हजार से ज्यादा मतों से हारे थे। जन सुराज ने पिछली बार निर्दलीय उतरे अनिल सिंह को टिकट दिया है।

45 छातापुर से भाजपा के नीरज कुमार सिंह बबलू के सामने राष्ट्रीय जनता दल ने डॉ. विपिन सिंह को उतारा है। पिछली बार वह 20 हजारों से मतों से हारे थे। लोकसभा चुनाव 2024 में निर्दलीय उतरे बैद्यनाथ मेहता ने करीब 60 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए थे। वह छातापुर से उतरना चाहते थे, लेकिन उन्हें राजद ने निर्मली से उतारा है। जन सुराज ने अभय कुमार सिंह मुन्ना को उतारा है।पूर्णिया
61 धमदाहा से जदयू की लेशी सिंह का सामना उनकी ही पार्टी के सांसद रहे संतोष कुशवाहा से हो रहा है। वह राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर महागठबंधन प्रत्याशी के रूप में लेशी सिंह को कड़ी चुनौती देने की कोशिश में हैं। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी प्रत्याशी राकेश कुमार उर्फ बंटी यादव महागठबंधन को नुकसान पहुंचाते हुए आगे बढ़ने की जुगत लगा रहे हैं।

गया
230 गया टाउन से भाजपा के डॉ. प्रेम कुमार के सामने कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व डिप्टी मेयर अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव उतरे हैं। पिछली बार वह 11 हजार से ज्यादा मतों से हारे थे। इस बार यहां जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी धीरेन्द्र अग्रवाल मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में जुटे हैं।
जमुई
243 चकाई से जदयू के सुमित कुमार सिंह प्रत्याशी हैं। पिछली बार वह निर्दलीय उतरे थे और राष्ट्रीय जनता दल की सावित्री देवी से महज 581 वोटों से जीते थे। इस बार सावित्री देवी महागठबंधन से राजद प्रत्याशी हैं। वीआईपी का साथ मिला ही है। दूसरी तरफ, कई निर्दलीय प्रत्याशी सुमित सिंह के लिए मुसीबत बने हैं। चंदन कुमार सिंह और पिछली बार जदयू से उतरे पूर्व एमएलसी संजय प्रसाद भी निर्दलीय उतरे हैं। दोनों ही सुमित सिंह को नुकसान करते नजर आ रहे हैं।

अररिया
51 सिकटी से भाजपा के विजय कुमार मंडल के सामने इस बार विकासशील इंसान पार्टी के हरिनारायण प्रामाणिक हैं। पिछली बार यहां से राजद के शत्रुघ्न प्रसाद सुमन मैदान में थे और 13 हजार से ज्यादा मतों से हार गए थे। इस बार महागठबंधन ने इस सीट को हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंकी है।
बांका
159 अमरपुर से जदयू के जयंत राज का मुकाबला कांग्रेस के जितेंद्र सिंह से है। पिछली बार महज 3114 मतों से हारे थे। तब लोजपा प्रत्याशी के रूप में उतरे डॉ. मृणाल शेखर फिर भाजपा में आ गए हैं। जयंत राज ने मृणाल शेखर से मिलकर समर्थन लिया। राजपूत वोट इस बार एकमुश्त जितेंद्र सिंह के समर्थन में आकर जयंत राज के लिए मुसीबत खड़ी कर रहे हैं।

कैमूर
206 चैनपुर से जदयू के मो. जम़ा खान इस बार मुसीबत में नजर आ रहे हैं। वक्फ बिल का असर जम़ा खान को परेशान कर रहा है। पिछली बार भाजपा के टिकट पर 24294 मतों से हारे बृज किशोर बिंद इस बार राजद का टिकट लेकर आए हैं और महागठबंधन ने इस सीट पर ताकत झोंक रखी है। सीएम नीतीश कुमार के जाने पर भी जम़ा खान के लिए अच्छा माहौल नहीं दिख रहा है। मुकेश सहनी ने यहां पहुंचकर विकासशील इंसान पार्टी के बाल गोविंद विंद को अपना प्रत्याशी बताया। तेजस्वी यादव ने बृज किशोर बिंद के पक्ष में वोट की अपील की। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के रिश्तेदार पूर्व विधायक रामचंद्र यादव गोविंद बिंद का प्रचार कर रहे हैं। महागठबंधन की यह उठापटक यहां जम़ा खान को राहत दे रही है। बहुजन समाज पार्टी से उतरे राजपूत जाति के धीरज कुमार सिंह भाजपा का वोट काटेंगे, यह भी डर है। जन सुराज पार्टी ने भाजपा के पूर्व सांसद मुनीलाल चौबे के बेटे हेमंत कुमार चौबे को टिकट देकर भाजपा के वोटरों को साधने की कोशिश की है।

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