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शेख हसीना की फांसी लगभग तय, फिर भी बांग्लादेश क्यों जाना चाहती हैं; क्या भारत का रुख बदल गया

बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना बांग्लादेश लौटना चाहती हैं। अगस्त 2024 में तख्तापलट के बाद वो भागकर भारत आ गई थीं। उन्हें बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने मौत की सजा सुनाई है। बांग्लादेशी नेता कह रहे- वापस आने पर इस सजा को अंजाम दिया

सवाल-1 शेख हसीना के बांग्लादेश लौटने की बात कहां से उठी जवाब  ये चर्चा शेख हसीना के ही बयानों से शुरू हुई। उन्होंने 29 जून को एक टीवी चैनल से ई-मेल इंटरव्यू में कहा…

इसके बाद 10 जुलाई की सुबह हसीना ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को भी टेलीफोनिक इंटरव्यू में बताया कि दिसंबर 2026 तक भारत से बांग्लादेश लौटेंगी और अपनी पार्टी के कुछ और निर्वासित नेताओं के साथ सरेंडर करेंगी।

शेख हसीना ने कहा, ‘हो सकता है कि लौटने पर वे मुझे गिरफ्तार कर लें, वे मुझे मार भी सकते हैं। फिर भी, मुझे जाना ही होगा। मेरी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का भयानक तरह से दमन हो रहा है।’

सवाल-2  बांग्लादेश लौटने पर उनके साथ क्या-क्या हो सकता है? जवाबः शेख हसीना पर उनके खिलाफ आंदोलन करने वाले स्टूडेंट्स की हत्याओं के लिए पुलिस और सेना को आदेश देने का आरोप है।

बांग्लादेश की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल, यानी ICT-BD नवंबर में शेख हसीना को मौत की सजा सुना चुकी है। ये पहली बार है, जब बांग्लादेश में किसी पूर्व पीएम को मौत की सजा सुनाई गई है।

अब अगर शेख हसीना बांग्लादेश जाकर सरेंडर करती हैं, तो उन्हें गिरफ्तार करके फांसी देने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। हालांकि ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ अपील भी की जा सकती है।

हसीना की पार्टी अवामी लीग पर बांग्लादेश में बैन है। इसलिए गिरफ्तारी पर किसी बड़े विरोध प्रदर्शन की भी उम्मीद कम है। पुलिस इसे कुचल सकती है।

बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान के स्ट्रैटेजिक एडवाइजर जाहिद-उर-रहमान ने कहा है, ‘देश की जनता चाहती है कि उनके जुर्म के लिए उन्हें मौत की सजा दी जाए। अगर वो वापस आईं, तो इस सजा को अंजाम दिया जाएगा। जनता यही चाहती है। उन्हें दुनिया के सबसे अच्छे वकील लाने दो।’

बांग्लादेश की राजनीति में वापसी की कोशिश

  • प्रतिबंध के बावजूद अवामी लीग एक्टिव हो रही है। कार्यकर्ता एकजुट हो रहे हैं। 23 जून को पार्टी ने 77वां स्थापना दिवस मनाया, तो दर्जनों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।
  • बीते हफ्ते शेख हसीना के खिलाफ हुई एक रैली के दौरान बम धमाका हुआ। इसमें 3 लोग घायल हुए, जबकि मंच पर शेख हसीना के खिलाफ स्टूडेंट मूवमेंट के प्रमुख चेहरे नाहिद इस्लाम समेत नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के कई नेता मौजूद थे।
  • अवामी लीग के नेता कह रहे हैं कि उसका दौर इस सरकार से कहीं बेहतर था। 2009 से 2024 तक हसीना के कार्यकाल में बांग्लादेश कपड़े के एक्सपोर्ट में बांग्लादेश दुनिया का बड़ा सेंटर बना, लाखों लोग गरीबी से बाहर आए।
  • ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन में स्ट्रैटेजिक स्टडीज प्रोग्राम के डिप्टी डायरेक्टर विवेक मिश्र कहते हैं कि अब शेख हसीना को लगने लगा है कि दोबारा बांग्लादेश में ताकत से खड़े होने का मौका है और सरकार के खिलाफ माहौल बनाया जा सकता है।
  • अल-जजीरा के मुताबिक, हसीना विदेश से ही पार्टी को दोबारा मजबूत करने की कोशिशें कर रही हैं। वो 100 से ज्यादा संसदीय इलाकों में अपनी पार्टी के लोगों के साथ ऑनलाइन बैठकें कर रही हैं।
  • इंटरव्यू में हसीना ने कहा, ‘अवामी लीग पर कई हमले हुए, बैन लगाया गया, लेकिन जनता की ताकत से पार्टी दोबारा उठ खड़ी हुई। ऐसी कोशिशों में वो पहले भी फेल हुए हैं, दोबारा होंगे। बैन लगाकर पार्टी के ऑफिस और पॉलिटिकल एक्टिविटी बंद कर सकते हैं, लेकिन पार्टी वर्कर्स जुलूस निकाल रहे हैं। आम लोग इसमें शामिल हो रहे हैं। ये संकेत है कि अवामी लीग फिर से मजबूत होने लगी है।’
  • इसके अलावा हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय फिलहाल अमेरिका में रहते हैं, लेकिन वो बांग्लादेश के मुद्दों पर एक्टिव हैं। अगर हसीना उनके लिए राजनीतिक जमीन तैयार करना चाहें, तो भी ये बिना बांग्लादेश लौटे मुमकिन नहीं है।

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