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एम्स : दीक्षांत समारोह में 1041 को मिली उपाधि

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के तीसरे दीक्षांत समारोह में 1041 छात्र-छात्राओं को उपाधि वितरित की गई। इनमें यूजी, पीजी, सुपर स्पेशियलिटी तथा एलाइड साइंस के छात्र- छात्रा शामिल थे। समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डाॅ. मनसुख मांडविया ने कहा, एम्स ऋषिकेश की चिकित्सकीय टीम ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखंड और पड़ोसी राज्यों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करके लोगों का विश्वास जीता है। राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में संस्थान की रैंकिंग में भी काफी वृद्धि हुई है। ऋषिकेश एम्स अब देश के शीर्ष 25 संस्थानों में से एक है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने उपाधि पाने वाले छात्र-छात्राओं से कहा कि आपने अभी शिक्षा की डिग्री हासिल की है, लेकिन सामाजिक जीवन की शिक्षा लेना और समाज की कसौटी पर खरा उतरना अभी बाकी है। जो कि बेहतर चिकित्सा सेवा के संकल्प से ही संभव है। कहा, जिस दिन चिकित्सकों के मन में नागरिक स्वास्थ्य का भाव जाग जाएगा उस दिन उनके लिए पैसा मायने नहीं रखेगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि भारत के चिकित्सक अपने चिकित्सा सेवा के पेशे के प्रति दुनिया के अन्य देशों से अधिक जिम्मेदार हैं। उन्होंने बताया कि कोविड के दौर में दुनिया के कई विकसित देशों के चिकित्सकों ने अपने कर्तव्यों का ठीक से पालन नहीं किया, मगर हमारे चिकित्सक प्रतिबद्धता के साथ अपना घरबार छोड़कर दिनरात मरीजों की सेवा में जुटे रहे।

संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर मीनू सिंह ने कहा कि वर्तमान में एम्स संस्थान के लिए लगभग 2000 चिकित्सक सेवारत हैं, जो कि मेडिकल एजुकेशन के साथ-साथ मरीजों के उपचार में जुटे हैं। दीक्षांत समारोह में विशिष्ठ अतिथि के तौर पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. भारती प्रवीण पंवार व प्रोफेसर एसपीएस बघेल, संस्थान के अध्यक्ष पद्मश्री प्रोफेसर समीरन नंदी, सूबे के वित्त एवं शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल व स्वास्थ्य मंत्री उत्तराखंड डॉ. धन सिंह रावत आदि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी किन्हीं कारणों से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए।

किस कोर्स में कितनी उपाधि

कोर्स उपाधि पाने वाले

एमबीबीएस (2013-14) – 38

एमबीबीएस (2015) – 96

एमबीबीएस (2016)- 96

एमडीएमएस (2017-2020) — 495

डीएमसीएच (2018-20)- 148

बीएससी नर्सिंग (2016)- 56

एमएससी नर्सिंग ( 2017-20 )- 33

एमएससी एलॉइड ( 2018-19 )- 22

एमपीएच ( 2018-21 ) – 39

मैरामेडिकल (2022-23) – 9

एमएचए – 1

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