स्पेशल ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस का अजमेर में स्टाॅपेज नहीं, अजमेर में ट्रेन रुके तो अहमदाबाद- दिल्ली आने-जाने के लिए सुगम होगा सफर
रेलवे का गढ़ माने जाने वाले अजमेर रेल मंडल में लॉकडाउन के बाद स्पेशल ट्रेन के रूप में चलाई जा रही राजधानी एक्सप्रेस को रेलवे बोर्ड ने ठहराव नहीं दिया है। जबकि अजमेर रेल मंडल पूरे देश में अपना अलग स्थान रखता है। लॉकडाउन के पहले यह ट्रेन दिल्ली-अहमदाबाद से आते एवं जाते दोनों समय रुका करती थी, यात्रियों को दोनों शहरों की यात्रा करने की सहूलियत भी मिला करती थी।
लॉकडाउन के बाद जारी किए जा रहे ट्रेनों के शिड्यूल में इस ट्रेन को स्पेशल ट्रेन के रूप में गाड़ी संख्या 02958 को नई दिल्ली से अहमदाबाद और गाड़ी संख्या 02957 को अहमदाबाद से दिल्ली के लिए संचालित किया गया। रेलवे बोर्ड की पहले मंशा थी कि कोरोना संक्रमण कम से कम फैले इसलिए लंबी दूरी की ट्रेनों के स्टाॅपेज कम रखे जाएं मगर अब अजमेर से 18 ट्रेनों का संचालन और हाे रहा है। ऐसे में एक मात्र राजधानी एक्सप्रेस ही ऐसी ट्रेन है जो थ्रू आउट यानि बिना रुके हुए संचालित हो रही है।
आखिर क्यों जरूरी है अजमेर में ठहराव
इस ट्रेन का अजमेर में ठहराव होने के अपने बड़े कारण है। रेलवे की दृष्टि से अजमेर रेल मंडल देश के प्रमुख कार्यालयों में से एक है। रेलवे के अन्य कारखाने भी यहां है। इसके अलावा विश्व प्रसिद्ध तीर्थ राज पुष्कर, ख्वाजा साहब की दरगाह भी यहां है।
दोनों धार्मिक स्थलों को अब यात्री एवं जायरीन के लिए खोल दिया गया है। अन्य ट्रेनों से यहां पर यात्री एवं जायरीन की शुरू हो गई है। इसके अलावा अजमेर के पास ही मार्बल मंडी किशनगढ़ और ब्यावर औद्योगिक क्षेत्र है। देश का प्रमुख शिक्षण संस्थान मेयो कॉलेज भी अजमेर में ही है।
इस ट्रेन के पहले यह थे स्टाॅपेज
अहमदाबाद, साबरमती, मेहसाना जंक्शन, पालनपुर, आबूरोड, फालना, अजमेर, जयपुर, गुड़गांव, देहली कैंट और नई दिल्ली।
अब इस ट्रेन के ये हैं ठहराव
अहमदाबाद, पालनपुर, आबूरोड, जयपुर, गुड़गांव और न्यू देहली। ये था अजमेर में ट्रेन रुकने का समय
अहमदाबाद से दिल्ली जाते समय रात 12.55 पर अजमेर पहुंचती थी और रात 1.00 बजे प्रस्थान करती थी। दिल्ली से अहमदाबाद जाते समय रात 2.25 पर अजमेर पहुंचती थी और रात 2.29 पर प्रस्थान करती थी।
- राजधानी एक्सप्रेस का अजमेर में ठहराव हाेना चाहिए। रेल मंत्री पीयूष कुमार को इस बारे में जानकारी दी जाएगी। अब तो तीर्थराज पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर और दरगाह भी आमजन के लिए खुल चुके हैं। यहां अजमेर रेल मंडल का दफ्तर भी यहां है, ऐसे में यह ठहराव आवश्यक है। – भागीरथ चौधरी, सांसद, अजमेर
- लॉक डाउन के बाद चली स्पेशल ट्रेनों का शिड्यूल एवं ठहराव का अधिकार भारतीय रेलवे बोर्ड का है। अब पुष्कर और दरगाह खुल गए हैं। इस बारे में भारतीय रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा गया है। इस बारे में उच्च स्तर पर बात भी की जाएगी। – आनंद प्रकाश, जीएम, उप रेलवे, जयपुर
