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आर्मी के बेस हॉस्पिटल का ऑक्सीजन कोटा घटाने पर राघव चड्डा का जवाब, कहा- दो तरीके से हो रही सप्लाई

कैंट स्थित बेस हॉस्पिटल की ऑक्सजीन की सप्लाई में कटौती कर दी है. दरअसल, बेस हॉस्पिटल को रोजाना 3.4 एमटी ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है. इसके बावजूद, अभी तक बेस हॉस्पिटल को रोजाना 01 मैट्रिक टन (एमटी) ऑक्सीजन की सप्लाई हो रही थी. लेकिन मंगलवार से बेस हॉस्पिटल का कोटा और घटाकर 0.42 एमटी कर दिया गया है. इसीलिए सेना ने इस बावत रक्षा मंत्रालय को ‘एसओएस-मैसेज’ भेजा. सूत्रों की मानें तो अब सेना इस बेस हॉस्पिटल के लिए हरिद्वार के करीब एक प्लांट से भी ऑक्सीजन मंगवा रही है, ताकि मरीजों के लिए ऑक्सीजन की किसी भी तरह से किल्लत ना हो.

बेस हॉस्पिटल में कुल 650 बेड हैं जिसमें 450 पर ऑक्सजीन की सुविधा है

सेना की पश्चिमी कमान ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि, बेस हॉस्पिटल में “पर्याप्त मात्र में ऑक्सीजन की सप्लाई हो रही है.” वेस्टर्न कमान ने कहा कि “हम सभी सैनिकों, पूर्व-फौजियों और उनके आश्रितों को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि उनकी लगातार मदद करते रहेंगे.” आपको बता दें कि सेना के दिल्ली कैंट स्थित बेस हॉस्पिटल में कुल 650 बेड हैं जिसमें 450 पर ऑक्सजीन की सुविधा है—इसके अलावा 35 आईसीयू बेड्स हैं.

गौरतलब है कि बीते रविवार को ही दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को चिठ्ठी लिखकर राजधानी में कोरोना से जंग लड़ने में सेना की मदद मांगी थी. मनीष सिसोदिया ने चिठ्ठी में लिखा था कि जिस तरह से सेना की मदद से डीआरडीओ ने एयरपोर्ट के करीब कोविड हॉस्पिटल शुरू किया है, इस तरह के और सैन्य-अस्पताल खोले जाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा कोविड पीड़ित मरीजों का इलाज किया जा सके.

आपको यहां पर ये भी बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट में भी इस बात पर सुनवाई हो रही है कि राजधानी मे सेना को भी कोरोना के खिलाफ जंग में उतार दिया जाए.

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