कांग्रेस पदाधिकारी प्रभारी से नहीं कह सके ‘मन की बात’:माकन की बैठक में विधायक बोले, जोश ठंडा हो रहा है, जल्द जिला-ब्लॉक में अध्यक्ष नियुक्त करें
कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय में प्रभारी अजय माकन के साथ पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में महंगाई के खिलाफ आंदोलन और भावी कार्यक्रमों पर चर्चा तो हुई लेकिन खामियों पर बात रखने का मौका नहीं दिया गया। पार्टी पदाधिकारी अजय माकन से अपने ‘मन की बात’ नहीं कर सके। बैठक में जब एक-दो नेताओं ने खामियां गिनानी शुरू कीं, तो माकन ने अलग से मिलने की बात कहकर उस समय नहीं बोलने दिया। बाद में माकन बिना मिले सीधे चले गए। बैठक में दो-तीन नेताओं ने खामियों की चर्चा की।
जिलाध्यक्षों की नियुक्तियों में परिवारवाद का मामला
महिला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रेहाना रियाज ने जिलाध्यक्षों की नियुक्तियों में परिवारवाद का मामला उठाया। कहा कि कई जिलों में एक ही परिवार से जिलाध्यक्ष बनते आ रहे हैंं। जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में परिवारवाद का बोलबाला खत्म करना चाहिए। इस बार एक ही परिवार से लगातार जिलाध्यक्ष बनने की परिपाटी बंद होनी चाहिए। रेहाना रियाज का इशारा चूरू में पूर्व विधायक मकबूल मंडेलिया पर था, जिनके परिवार से लगातार जिलाध्यक्ष बनते आ रहे हैं।
जोश ठंडा हो रहा है, जल्द नियुक्तियां हों
विधायक रामलाल जाट ने कहा, संगठन मेें जिला और ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति जल्द होनी चाहिए। नियुक्तियों में हो रही देरी से कार्यकर्ताओं में जोश ठंडा पड़ता जा रहा है। यह जोश ठंडा नहीं पड़ना चाहिए।
विधायक फंड से कोरोना में मृतकों की सहायता दी जाए
पायलट समर्थक विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने कहा- विधायक फंड से ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर अब खरीदने की जरूरत नहीं है। विधायक फंड के पैसे से कोरोना मृतकों के परिजनों को सहायता दी जानी चाहिए। विधायक फंड से ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर और अन्य सामान जो अभी तक नहीं आया है उसकी खरीद रद्द करके उससे जरूरतमंद परिवारों की मदद की जाए।
केंद्र वैक्सीन नहीं दे रहा, लेकिन गांवों में नाराजगी हमारे प्रति
बैठक में विधायक डॉ.जितेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार राजस्थान को समय पर वैक्सीन नहीं दे रही है। इसकी वजह से वैक्सीनेशन रुकता है। गलती केंद्र की है, लेकिन गांवों में लोग इसमें हमारी सरकार से ही नाराज हो रहे हैं। हमें इस पर खास ध्यान देना चाहिए। गांवों में लोग केंद्र की बजाय हमारी ही गलती मान रहे हैं। कोरोना मृतकों को कोविड डेथ सर्टिफिकेट जारी करने में उसके इलाज को आधार बनाएं। अगर किसी मृतक का कोरोना का इलाज चला है, तो उसके आधार पर उसे कोविड डेथ घोषित कर राज्य सरकार उसके परिजनों को पैकेज दे।
