रोडवेज कार्मिकों को मार्च की पूरी, अप्रैल से मिलेगी आधी तनख्वाह
देहरादून: खर्च में कटौती व घाटा दूर करने के लिए रोडवेज में कार्मिकों को आधी तनख्वाह देने के फैसले को अपर मुख्य सचिव एवं रोडवेज निदेशक मंडल की चेयरमैन राधा रतूड़ी ने मंगलवार को आधिकारिक मंजूरी दे दी। राहत यह है कि कार्मिकों को मार्च की तनख्वाह पूरी दी जाएगी, लेकिन अप्रैल व इसके बाद मिलने वाली तनख्वाह आधी दी जाएगी। चार माह की लंबित तनख्वाह से जूझ रहे कर्मचारियों के तेवर प्रबंधन के फैसले के बाद और भी तल्ख हो गए हैं। कर्मचारी संगठनों ने इसके खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।
उत्तर प्रदेश से अलग होने के बाद नवंबर 2003 में गठित उत्तराखंड रोडवेज गुजरे 18 साल में एक बार भी मुनाफे में नहीं रहा है। उत्तर प्रदेश से परिसंपत्तियों का बंटवारा नहीं होने, बस बेड़ा जर्जर मिलने, सेवानिवृत्ति के द्वार पर पहुंचे कार्मिकों की अधिकता ने वर्ष 2003 से ही रोडवेज को पनपने नहीं दिया। साल-दर-साल घाटा बढ़ता गया और अब यह सवा पांच सौ करोड़ जा पहुंचा है। ऐसे में कोरोना काल ने रोडवेज की कमर तोडऩे में कोई कसर नहीं छोड़ी। कोरोना के कारण बसों का संचालन ठप रहने और अभी तक सुचारू न होने से रोडवेज तनख्वाह देने की भी स्थिति में नहीं है। पिछले साल मार्च से दिसंबर और इस साल जनवरी-फरवरी की तनख्वाह राज्य सरकार से मिले सहयोग से दी गई। अब प्रबंधन पर मार्च से जून यानी चार माह की तनख्वाह के साथ-साथ साल 2013 से सेवानिवृत्त कार्मिकों के एकमुश्त देयकों का भुगतान लंबित है। यह संकट दूर करने के लिए रोडवेज को 150 करोड़ रुपये की अदद दरकार है। तनख्वाह के मामले में हाईकोर्ट भी सख्त है और सरकार के आला अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित की हुई है। इस बारे में सोमवार को रोडवेज प्रबंधन की बोर्ड बैठक हुई थी।
सचिवालय में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में हुई इस बोर्ड बैठक में तय हुआ था कि खर्चों में भारी कटौती करनी होगी। साथ ही कोरोना काल समाप्त होने और बसों का संचालन सुचारू गति में न आने तक कार्मिकों की तनख्वाह काटकर आधी कर दी जाए। मंगलवार को बैठक का कार्यवृत्त अपर मुख्य सचिव के हस्ताक्षर के बाद जारी कर दिया गया। जिसमें फिलहाल तनख्वाह आधी देने के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार मार्च के तनख्वाह बिल बन चुके हैं। चूंकि, कोरोना की दूसरी लहर भी अप्रैल में आई थी, इसलिए आधी तनख्वाह अप्रैल से दी जाएगी। तय हुआ है कि जब तक कोरोना काल जारी रहेगा, तब तक तनख्वाह आधी दी जाएगी। यह स्थिति खत्म होने पर तनख्वाह पहले की तरह पूरी दी जाएगी। इस दौरान जो कटौती होगी, उसे संचालन सुचारू होने पर किश्तों में एरियर के जरिये दिया जाएगा। बोर्ड बैठक के शेष फैसलों में बस अड्डों का संचालन पीपीपी मोड में देने, मैदानी मार्गों पर सिर्फ सीएनजी बसों का संचालन करने, ट्रायल के लिए 10 बसों में सीएनजी किट लगाने, नई सीएनजी बसें खरीदने, गांधी रोड की भूमि को बेचने को एमडीडीए व पर्यटन विभाग के माध्यम से कार्ययोजना बनाना शामिल हैं।
