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खरीफ फसलों की उचित देखभाल और गुणवत्ता कीटनाशकों के उपयोग से किसानों की उत्पादन व उपज में होगी वृद्धि: धानुका समूह चेयरमैन

ग्वालियर : क्षेत्र के किसानों की फसल की उत्पादकता और उपज में वृद्धि के लिए धानुका समूह के चेयरमैन श्री आर जी अग्रवाल ने खरीफ की फसल में उत्तम गुणवत्ता की कीटनाशक दवाओं के उपयोग की जोरदार वकालत की। उन्होंने किसानों से मूल और उत्तम गुणता की कीटनाशक दवाओं के असरदार उपयोग का आव्हान किया और लोगों को फसल की उपज और उत्पादकता को प्रभावित करने वाली नकली कीटनाशक दवाओं से सावधान रहने की सलाह दी। उल्लेखनीय है कि कृषिरसायन (एग्रोकेमिकल) क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों में शामिल धानुका समूह का मिशन किसानों को अभिनव समाधानों से सुसज्जित कर उनको समर्थ एवं सशक्त बनाना है।

एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि उत्तम गुणता की कीटनाशक दवाओं से किसान फसल को कीड़ों, बीमारियों और खर-पतवार से बचाकर कम जमीन पर ज्यादा अन्न पैदा करने के साथ-साथ प्रति हेक्टेयर ज्यादा उत्पादकता सुनिश्चित कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि घटिया/नकली/ स्मगल/ डुप्लीकेट कीटाणुनाशक दवाओं से स्वास्थ्य और जैविक विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के अतिरिक्त असली कृषि-रसायन बिज़नेस की साख खराब होती है, साथ ही उनको बिक्री का नुकसान, उनके ब्रैंड की साख को खतरा और कीट-पतंगों पर नियन्त्र कमजोर पड़ जाता है।

उन्होंने आगे कहा कि धानुका समूह शीर्ष प्रमाणन संस्थानों द्वारा प्रमाणित उच्च गुणता उत्पादों को बढ़ावा देने में असरदार भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में धानुका एग्रीटेक ने हरियाणा के पलवल में किसानों के लिए एक अत्याधुनिक अनुसंधान एवं ट्रेनिंग केंद्र (डार्ट-DART) भी शुरू किया है, जिसका उद्घाटन हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने किया था। पलवल स्थित यह आरएंडडी केंद्र उत्पाद विकास और सुधार के लिए अनुसंधान करता है। सही गुणता के फार्म इनपुट और केवल रसीद पर ही खरीदी पर जागरूकता फैलाने के लिए लिए कंपनी कई अभियान चला रही है।
धानुका समूह के चेयरमैन ने किसानों को बीज, खाद और अन्य फसल देखभाल उत्पादों सहित उच्च-गुणता के इनपुट तर्कसंगत दर पर उपलब्ध कराने की महत्ता पर जोर दिया।

भारतीय कृषि क्षेत्र में घटिया/नकली/ स्मगल/ डुप्लीकेट कीटाणुनाशक दवाओं की बिक्री से फसल की उपज और किसानों की आया पर प्रतिकूल असर पड़ा है। स्तरहीन उत्पाद कीट-पतंगों के प्रभावशाली ढंग से नियंत्रित नहीं कर पाते, जिससे फसल को काफी नुकसान होता है।
इस मुद्दे के समाधान के लिए श्री अग्रवाल ने कीटाणुनाशक दवा खरीदते समय समुचित बिल अथवा रसीद माँगने के लिए किसानों का आव्हान किया, जिससे आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

वरिष्ठ उद्योगपति ने घटिया स्तर के कृषिरसायन बेचने में लिप्त संस्थाओं पर कड़ी कार्यवाई के लिए केंद्र और राज्य दोनों सरकारों से मांग भी की। साथ ही, इस तरह के उत्पादों के हानिकारक प्रभावों और भरोसेमंद एवं उच्च गुणवत्ता वाले कृषि रसायनों के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु किसानों को शिक्षित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक अभियान शुरू करने का प्रस्ताव रखा।

श्री अग्रवाल ने किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के हित में कृषि सामानों के विपणन ढाँचे को उन्नत, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत और प्रभावी वितरण चैनल सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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