Mon. May 11th, 2026

अस्थमा ग्रसित बच्चे को योग अभ्यास से मिलेगा आराम

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में विश्व अस्थमा दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में अस्थमा से ग्रसित बच्चों को इससे बचाव के लिए उपयोगी योग अभ्यास कराए गए। साथ ही बताया गया कि इन अभ्यासों के करने से आराम मिलेगा। साथ ही अस्थमा ट्रिगर, लक्षण, प्रबंधन और निवारक उपायों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इसी के साथ अस्थमा शिक्षा सशक्तीकरण विषय पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र, चिकित्सकों और फैकल्टी सदस्यों ने प्रतिभाग किया। अस्थमा जन-जागरूकता आधारित प्रदर्शनी में एमबीबीएस और बीएससी नर्सिंग के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न संदेशों के साथ पोस्टर प्रदर्शित किए। पोस्टरों के माध्यम से लोगों को अस्थमा रोग के प्रति जागरूक किया गया।

बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यक्रम में एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को बताया कि उचित दवा लेने, एलर्जी से बचाव और जीवनशैली में अपेक्षित जैसे सक्रिय उपायों के माध्यम से अस्थमा से पीड़ित व्यक्ति अपनी दैनिक गतिविधियों पर बीमारी के बोझ को कम करते हुए पूर्ण जीवन जी सकते हैं।

इंटरैक्टिव सत्रों और चर्चाओं के माध्यम से उपस्थित लोगों को अस्थमा के लक्षणों की पहचान करने, अस्थमा ट्रिगर को समझने और स्थिति के प्रभाव को कम करने के लिए जीवनशैली में लाए जाने वाले जरूरी बदलाव आदि महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इसके अलावा, अस्थमा के समग्र प्रबंधन में परिवार के सहयोगात्मक महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया गया। माता-पिता और देखभाल करने वालों को घर पर अस्थमा निवारण के लिए अनुकूल वातावरण बनाने, दवा के नियमों का पालन सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के साथ खुले संचार को बढ़ावा देने के महत्व के बारे में बताया गया। इस मौके पर बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नवनीत भट्ट, डॉ. व्यास कुमार राठौर, डॉ. लोकेश तिवारी, डॉ. खुशबू तनेजा, डॉ. मान सिंह आदि शामिल रहे।

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