नीला ड्रम हत्या केस उस रात खूब झगड़ा हुआ और फिर शराब पार्टी… बेटे ने खोल दिया पूरा कच्चा चिट्ठा
अलवर राजस्थान के खैरथल-तिजारा इलाके में रविवार को एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई. एक मकान की छत पर रखे नीले प्लास्टिक ड्रम से 35 वर्षीय हंसराज का शव बरामद हुआ. जैसे ही यह खबर फैली, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. लोगों को यह घटना मेरठ के चर्चित ‘नीला ड्रम कांड’ की याद दिलाने लगी, जिसमें पत्नी ने पति की हत्या कर शव को इसी तरह ड्रम में छुपा दिया था.
बेटे की आंखों देखी कहानी
मामले का सबसे बड़ा खुलासा मृतक के बेटे हर्षल ने किया. उसने पुलिस को बताया कि घटना वाली रात उसके पिता हंसराज, मां लक्ष्मी (उर्फ सुनीता) और किराए के मकान मालिक का बेटा जितेंद्र शराब पी रहे थे. इसी दौरान झगड़ा हुआ और पिता ने मां को पीटना शुरू कर दिया. अंकल जितेंद्र ने बीच-बचाव किया.
हर्षल के मुताबिक, बाद में उसे और उसके भाई-बहनों को सोने भेज दिया गया. रात में जब वह उठा, तो उसने पिता को बेड पर पड़ा देखा. सुबह उसने देखा कि उसकी मां और अंकल जितेंद्र पानी से भरा ड्रम खाली कर उसमें पिता का शव डाल रहे थे. शव पर नमक डालकर ड्रम को बंद कर दिया गया ताकि बदबू बाहर न फैले.
रिश्तों का काला सच
जांच में सामने आया कि हंसराज शाहजहांपुर (यूपी) का रहने वाला था और ईंट-भट्टे पर काम करता था. करीब डेढ़ महीने पहले ही वह पत्नी और तीन बच्चों के साथ किशनगढ़ बास की आदर्श कॉलोनी में रहने आया था. लेकिन यहां उसकी पत्नी लक्ष्मी का मकान मालिक के बेटे जितेंद्र से प्रेम-प्रसंग चल रहा था. लक्ष्मी सोशल मीडिया पर बेहद एक्टिव थी. उसे रील्स बनाने का शौक था और कई बार पति के साथ भी वीडियो बनाती थी. लेकिन रील्स के पीछे की हकीकत बिल्कुल अलग थी. घरेलू कलह, मारपीट और बेवफाई से भरी हुई. लक्ष्मी अक्सर पड़ोसियों से अपने दर्द की चर्चा करती थी
