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चक्रवाती तूफान का असर! 48 घंटों के लिए भारी बारिश का अलर्ट, चलेगी तेज हवाएं, पढ़े IMD का ताजा पूर्वानुमान

चक्रवाती तूफान मोंथा के असर से अगले दो तीन दिन तक छत्तीसगढ़ के मौसम का मिजाज बदला रहेगा। दक्षिण-पूर्व दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में चक्रवाती तूफान के बनने के प्रभाव से आज सोमवार से पूरे प्रदेश में वर्षा वितरण और तीव्रता में वृद्धि होगी। आज रायपुर में आकाश सामान्यतः मेघमय रहने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 32 डिग्री सेल्सियस और 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

रायपुर मौसम केन्द्र के मुताबिक, मंगलवार को दक्षिण छतीसगढ़ के जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा और एक-दो स्थानों पर सीमांत भारी वर्षा होने की संभावना है। सभी जिलों में 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक की तेज हवाएं चलने की संभावना है । बुधवार मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है। मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में 58- 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक की तेज हवाएं चलने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ मौसम विभाग ताजा पूर्वानुमान

  • दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी पर बना दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और दक्षिण-पश्चिम तथा उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। इसके बाद, इसके उतर-पश्चिम की ओर, फिर उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ाने और 28 अक्टूबर की सुबह तक एक भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर आगे बढ़ते हुए, इसके 28 अक्टूबर की शाम रात के दौरान कलीपडूनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा के आसपास आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की प्रबल संभावना है।
  • इस तूफान की अधिकतम निरंतर हवा की गत्ति 90-100 किमी प्रति घंटा से बढ़कर 110 किमी प्रति घंटा हो सकती है। इसके असर से प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा ,एक-दो स्थानों पर मेघगर्जन के साथ वज्रपात होने की संभावना है। 2 दिनों के बाद प्रदेश में कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।

छत्तीसगढ़: 1 जून से 15 अक्टूबर तक हुई 1212.8 मिमी वर्षा

  • छत्तीसगढ़ में अब तक 1213.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1659.7 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 554.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 1159.6 मि.मी., बलौदाबाजार में 1004.8 मि.मी., गरियाबंद में 1234.9 मि.मी, महासमुंद में 1065.1 मि.मी. और धमतरी में 1149.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
  • बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1205.1 मि.मी., मुंगेली में 1183.0 मि.मी., रायगढ़ में 1396.7 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1116.1 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1413.5 मि.मी., सक्ती में 1274.2 मि.मी., कोरबा में 1179.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1112.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
    दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 948.2 मि.मी., कबीरधाम में 892.0 मि.मी., राजनांदगांव में 1012.5 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1462.0 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 919.1 मि.मी. और बालोद में 1317.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
  • सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 799.0 मि.मी., सूरजपुर में 1183.2 मि.मी., बलरामपुर में 1580.4 मि.मी., जशपुर में 1105.4 मि.मी., कोरिया में 1253.4 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1138.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1640.6 मि.मी., कोंडागांव जिले में 1213.5 मि.मी., कांकेर में 1421.8 मि.मी., नारायणपुर में 1474.4 मि.मी., दंतेवाड़ा जिले में 1652.3 मि.मी., और सुकमा जिले में 1332.5 मि.मी. की औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

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