बिलासपुर ट्रेन हादसा; 11 मौत 20 घायल, यह रही हादसे की वजह
डिजिटल डेस्क रायपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मंगलवार शाम गेवरा रोड से बिलासपुर जा रही पैसेंजर ट्रेन (MEMU) एक खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि डब्बे एक-दूसरे पर चढ़ गए। कई डिब्बे तो पूरी तरह डैमेज हो गए। इस हादसे में मरने वालों की तादाद बढ़कर 11 हो गई है, जबकि 20 यात्री घायल हुए हैं। हालांकि घायलों की संख्या कहीं अधिक भी हो सकती है। इंजन इतनी बुरी तरह डैमेज हो गया कि लोको पायलट का शव इंजन काटकर बाहर निकाला गया। हालांकि साथी महिला लोको पायलट ने चलती ट्रेन से कूदकर अपनी जान बचा ली थी।
घटना के बाद रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के तरफ से जो जानकारी आई है उसकी माने तो पैसेंजर ट्रेन की गति लगभग 70 km/hr थी जो सामान्य से 15 km अधिक थी। यही वजह रही कि ट्रेन लाल सिंगल पार कर गई और यह हादसा हो गया।हालांकि अभी रेलवे विस्तृत जांच की बात भी कर रहा है। इस रेल हादसे में गेबरा बिलासपुर मेमू लोकल पैसेंजर ट्रेन का इंजन का हिस्सा मालगाड़ी पर चढ़ गया लोको। पायलट विद्यासागर की मौके पर ही मौत हो गई। साथ चल रही महिला लोको पायलट रश्मि राज और मालगाड़ी के गार्ड शैलेंद्र चंद्र दुर्घटना से ठीक पहले कूद गए और उनकी जान बच गई। हालांकि दोनों घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती हैं। महिला लोगों को पायलट से सही जानकारी मिल सकती है लेकिन अभी वह बोलने की स्थिति में नहीं है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और इसे ‘बेहद दुखद’ बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने बिलासपुर जिला कलेक्टर से बात की है और तत्काल राहत एवं सहायता के निर्देश दिए हैं। रेलवे प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 5 लाख रुपये, और मामूली रूप से घायल यात्रियों को 1 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। घायलों को बिलासपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और बचाव कार्य जारी है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने हादसे के पीछे की वजह ‘सिग्नल ओवरशूट’ बताया है।
