मध्य प्रदेश के कई जिलों में छाया घना कोहरा, 24 घंटे बाद फिर सक्रिय होगा नया सिस्टम, बारिश-ओले का अलर्ट
बारिश, तेज हवा और ओलावृष्टि के थमते ही मध्य प्रदेश के मौसम में एकदम से बदलाव आ गया है। गुरुवार (29 जनवरी 2026) सुबह ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, विदिशा, सागर, दमोह, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सीहोर, रायसेन और राजगढ़ में कोहरा छाया रहा।
बुधवार (28 जनवरी 2026) को सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.2 °C पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में दर्ज किया गया। सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.7°C मंडला में दर्ज हुआ। मंदसौर में 7.3 °C, धार व शिवपुरी में 9.0 °C, राजगढ़ में 9.5 °C, मरुखेड़ा (नीमच) में 9.9 °C रिकॉर्ड किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD), भोपाल के अनुसार, गुरुवार को सिंगरौली, सीधी, अनुपपूर, शहडोल, डिंडौरी और मंडला में बादल छाए रहेंगे और बूंदाबांदी हो सकती है।
24 घंटे में सक्रिय होगा नया सिस्टम, फिर होगी बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र (IMD), भोपाल की दैनिक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में अलग-अलग स्थानों पर पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवातीय परिसंचरण और एक ट्रफ सक्रिय है। उत्तर भारत के ऊपर माध्य समुद्र तल से 12.6 किमी की ऊंचाई पर 240 किमी/घंटा की गति से पश्चिमी जेट स्ट्रीम प्रभावी हैं। एक नया पश्चिमी विक्षोभ 30 जनवरी की रात से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है। इसके असर से 31 जनवरी और 1 फरवरी को ग्वालियर, चंबल, बुंदेलखंड और मालवा के कई जिलों में बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना जताई गई है। इस दौरान अधिकतम व न्यूनतम तापमान में 2 से 3 °C तक गिरावट आ सकती है। रात का तापमान 10 °C से नीचे आने की भी संभावना है।
मुख्यमंत्री के प्रशासन को निर्देश, बारिश से फसलों को हुई क्षति करें आंकलन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने असमय वर्षा के कारण फसलों को हुई क्षति का आंकलन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है। प्रदेश के हर जिले में प्रशासन असमय वर्षा, मावठे के प्रति सतर्क रहे। जिला प्रशासन किसानों को असमय वर्षा से होने वाली क्षति से बचाने का प्रयास करें। प्रदेश में मौसम की विपरीत परिस्थियों और असमय वर्षा की स्थिति में राज्य किसान भाइयों के साथ खड़ी है। प्रदेश में मावठा से फसलों को हुए नुकसान के सर्वे के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं। किसानों की समस्याओं का हल करने प्रशासन को अलर्ट किया गया है। बता दें कि पिछले दो दिनों में हुई बारिश खेतों में खड़ी गेहूं, चना और सरसों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
