लाखों कर्मचारियों-पेंशनभोगियों को तोहफा, महंगाई भत्ता बढ़ा, कैबिनेट की मंजूरी, नई दरें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी
बिहार के सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। बुधवार (13 मई 2026) को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पांचवे, छठे और सातवें वेतनमान का लाभ ले रहे कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनरों की महंगाई राहत में वृद्धि की गई है। नई दरें 1 जनवरी 2026 से लागू होंगी।
इस फैसले से बिहार के लगभग 9 लाख सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। जून से राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों के वेतन तथा पेंशन में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। राज्य सरकार के खजाने पर सालाना लगभग 1,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने का अनुमान है।
कैबिनेट बैठक के फैसले के अनुसार, राज्य सरकार ने 7वें वेतनमान के तहत कार्यरत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि की है, जिसके बाद कर्मचारियों का डीए 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया। यह निर्णय केंद्र सरकार की तर्ज पर लिया गया है ताकि राज्य कर्मियों को भी केंद्रीय कर्मचारियों के समान लाभ मिल सके। नई दरें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी, ऐसे में जनवरी, फरवरी, मार्च और अप्रैल महीने का एरियर (बकाया राशि) भी दिया जाएगा। बढ़ी हुई सैलरी और पेंशन का नकद लाभ जून के वेतन के साथ मिलने की उम्मीद है।
पांचवें और छठे वेतनमान वालों का भी महंगाई भत्ता बढ़ा
- छठे वेतनमान का लाभ ले रहे कर्मचारियों व पेंशनभोगियों का डीए 5 प्रतिशत और पांचवें वेतनमान का लाभ ले रहे कर्मचारियों के डीए 9 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है। पंचम केन्द्रीय वेतनमान के तहत वेतन एवं पेंशन प्राप्त कर रहे सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते एवं राहत की दर 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत कर दी गई है।
- छठे वेतन आयोग में वेतन, पेंशन पा रहे राज्य सरकार के सरकारी कर्मचारियों और पेंशन भोगियों के महंगाई भत्ते एवं राहत की दर 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत कर दी गई है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी।
