अति भारी बारिश (ऑरेंज अलर्ट): बालाघाट, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा और सिवनी
भारी बारिश (येलो अलर्ट): सीहोर, बैतूल, हरदा, देवास, जबलपुर, नरसिंहपुर, दमोह, सागर, छतरपुर और पांढुर्णा
झंझावत, वज्रपात, झोंकेदार हवा: भोपाल, विदिशा, राजगढ़, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, मंडला, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
मध्य प्रदेश में अब भी सामान्य से 17% कम बारिश
- 1 जून से 28 जुलाई 2026 के बीच मध्य प्रदेश में अब तक औसत से करीब 17 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस अवधि में औसतन 13.6 इंच (345.9 मिमी) बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य बारिश 16.5 इंच (418.4 मिमी) मानी जाती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 18% से कम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 17% से कम पानी गिरा है।
- अबतक जबलपुर-ग्वालियर समेत कुल 40 से ज्यादा जिलों में कोटे से कम पानी गिरा है। भोपाल, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। देवास में सबसे ज्यादा करीब 20 इंच और आलीराजपुर में सबसे कम 4 इंच ही बरसात हुई है। यदि जुलाई अंत तक अच्छी बारिश का दौर जारी रहा तो कोटा पूरा होने की प्रबल संभावना है।