सावन के पहले सोमवार पर महाकाल और ओंकारेश्वर में उमड़ने लगी श्रद्धालुओं की भीड़, भस्म आरती के साथ शुरू हुई शिव आराधना
सावन के पहले सोमवार पर मध्य प्रदेश के दोनों प्रमुख ज्योतिर्लिंगों, महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई हैं। उज्जैन में बाबा महाकाल की भस्म आरती के बाद दर्शन जारी हैं, जबकि ओंकारेश्वर में दिनभर होने वाले धार्मिक आयोजनों के लिए मंदिर परिसर में विशेष तैयारियां की गई हैं।
दरअसल सावन का हर सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। वहीं इसी वजह से मध्य प्रदेश सहित देश के कई राज्यों से श्रद्धालु उज्जैन और ओंकारेश्वर पहुंच रहे हैं। महाकाल मंदिर में देर रात से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। सुबह भस्म आरती के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन का क्रम शुरू किया गया। मंदिर प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए बैरिकेडिंग, अतिरिक्त सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा और पेयजल जैसी व्यवस्थाएं बढ़ा दी हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के बाद शुरू हुए दर्शन
दरअसल उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के परंपरा के अनुसार सबसे पहले भगवान महाकाल की भस्म आरती संपन्न हुई। आरती से पहले मंदिर के पट खोले गए और विधि-विधान से भगवान का अभिषेक किया गया। पंचामृत, दूध, दही, घी, शहद, चंदन, भांग, फूल और विशेष आभूषणों से बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। इसके बाद कर्पूर आरती और नैवेद्य अर्पित किया गया। भस्म आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालु रात से ही मंदिर परिसर पहुंचने लगे थे। आरती के बाद अब सामान्य दर्शन का सिलसिला लगातार जारी है। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव के जयकारे गूंज रहे हैं और श्रद्धालु जलाभिषेक कर भगवान का आशीर्वाद ले रहे हैं। मंदिर प्रशासन लगातार भीड़ की निगरानी कर रहा है और श्रद्धालुओं से निर्धारित प्रवेश मार्ग तथा सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील कर रहा है।
ओंकारेश्वर में दोपहर बाद निकलेगी पारंपरिक सवारी
वहीं खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में भी सावन के पहले सोमवार को लेकर सुबह से भक्तों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही है। भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के मंदिरों में विशेष पूजन और जलाभिषेक का क्रम जारी है। दोपहर बाद दोनों मंदिरों से पारंपरिक सवारी निकाली जाएगी, जिसके लिए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सवारी प्रमुख मार्गों से होकर निकलेगी, जहां श्रद्धालु पुष्पवर्षा और जयकारों के साथ भगवान का स्वागत करेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और यातायात व्यवस्था में भी जरूरी बदलाव किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि सावन के सोमवार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए हर व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित व्यवस्था का पालन करें, जिससे सभी भक्त आसानी से दर्शन और पूजन कर सकें। पूरे क्षेत्र में सुबह से ही भक्तिमय माहौल बना हुआ है और दिनभर धार्मिक आयोजन जारी रहने की संभावना है।
