निखरा भगवान मंगलनाथ का स्वरूप, अर्पित की गई 20 किलो चांदी से बनी नई जलाधारी
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध मंगलनाथ मंदिर में भगवान को 20 किलोग्राम चांदी से निर्मित नई जलधारी अर्पित की गई। उज्जैन को मंगल की जन्मस्थली के रूप में पहचाना जाता है। यही वजह है कि यहां मंगलनाथ का पौराणिक मंदिर मौजूद है, जो अब भव्य आकार ले चुका है।
मंदिर परिसर में शिवलिंग के आसपास जो जलाधारी मौजूद थी, वह पुरानी हो गई थी। उसमें कई छोटे-छोटे छेद हो गए थे। पूजा के दौरान अक्सर पुजारी, यजमानों और श्रद्धालुओं को इस वजह से हाथों में लग जाती थी। ऐसे में अब नई जलधारी से यह समस्या भी हाल हो गई है और भगवान मंगलनाथ का स्वरूप भी सुंदर दिखाई दे रहा है।
