छोटू हत्याकांड दो नए शूटर के नाम आए सामने मृतक का दोस्त पिल्लू दे रहा था पल-पल लोकेशन, मनीष व रितेश ने भी चलाई थीं गोलियां
शहर के गोला का मंदिर क्षेत्र में एक सप्ताह पूर्व बदमाश छोटू उर्फ दीपक राजावत की हत्या में दो मुख्य आरोपी रानू सिकरवार, राजवीर सिंह चौहान के पकड़े जाने के बाद अब कड़ियां खुलने लगी हैं।
छोटू के जेल से छूटकर आने के बाद ही हमलावरों ने उसकी हत्या की प्लानिंग कर ली थी। क्योंकि छोटू की मुखबिरी पर 2 जून की रात हत्या आरोपियों के भाई भोला सिकरवार की हत्या की गई थी।
दो बार बदमाश उसके नजदीक पहुंच चुके थे, लेकिन वह बच निकला था। हत्याकांड में दो नए शूटर के नाम सामने आए हैं। मनीष तोमर और रितेश शाक्य के नाम पकड़े गए बदमाशों ने लिए हैं। इन दोनों ने भी हत्याकांड के दिन छोटू राजावत पर गोलियां चलाई थीं। दोनों को दो दिन की रिमांड पर लिया है।
पूछताछ में यह भी बताया है कि हत्या के लिए गैंग ने छोटू राजावत के एक दोस्त पिल्लू को तोड़ लिया था। पिल्लू, हत्या आरोपियों के कहने पर छोटू के दोस्तों के साथ घुलमिल गया था।
पिल्लू भी हत्याकांड के बाद से है गायब
रानू ने पुलिस को बताया कि छोटू का साथी पिल्लू घटना वाले दिन उनकी टीम को पूरी जानकारी वाट्सएप कॉल पर दे रहा था। छोटू व उसके साथियों के सिरोल से पार्टी कर निकलते ही पूरी टीम ने फील्डिंग लगा ली थी और उसके पुल पर आते ही बाइक से उतरकर गोली मार दी।
घटना के दौरान भी पिल्लू से बात की थी और उसके बाद पिल्लू भी उनके साथियों के साथ भाग गया। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने हत्याकांड के आरोपियों के पकड़े जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि अन्य फरार आरोपियों की तलाश में भी टीम दबिश दे रही है।
ऐसे पकड़े गए थे हत्या आरोपी
इस मामले में गोला का मंदिर थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि मंगलवार को सूचना मिली थी कि रानू सिकरवार व राजवीर सिंह चौहान भिंड क्षेत्र में हैं।
आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस पार्टियां भिंड में दबिश दे रही थीं। इसी दौरान पता चला कि आरोपी भिंड से भाग गए हैं। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को बरेठा पर बंटू ढाबा के पास से गिरफ्तार कर लिया, आरोपी से एक पिस्टल व तीन कारतूस भी बरामद हुए हैं।
पुराने हत्याकांड में मुखबिरी का बदला
छोटू को 22 सितंबर की रात 12 बजे एलएनआईपीई के सामने नए पुल के छोर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। छोटू राजावत ने विगत वर्ष हुई भोला सिकरवार की हत्या के मामले में भोला को गोली मारकर हत्या करने वाले बंटी भदौरिया को मुखबिरी की थी। छोटू, भोला का रिश्तेदार व पड़ोसी भी था फिर भी उसने भोला के दुश्मन बंटी को उसकी सूचना दी थी।
रानू ने बताया कि छोटू की घेराबंदी वह काफी पहले से कर रहे थे। दो बार उसके नजदीक भी पहुंच गए थे और फिर भी वह गोली के निशाने पर आने से बच गया था, लेकिन पिल्लू की मुखबिरी से उस पर हमलावरों का सटीक निशाना लग गया।
