भोपाल शिक्षक आंदोलन TET पर पीएम मोदी से बात करेंगे सीएम डॉ. मोहन यादव, पहली नियुक्ति से सेवा अवधि लाभ देने का आश्वासन
भोपाल में अपनी तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे शिक्षकों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद समाधान की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री ने शिक्षक पात्रता परीक्षा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से बात करने का भरोसा दिया है। वहीं, पहली नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि की गणना कर सभी संबंधित लाभ देने पर भी सहमति जताई है। ई-अटेंडेंस से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं को दूर करने और इसके कारण किसी शिक्षक का वेतन नहीं काटने का आश्वासन भी दिया गया है।
राज्य शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष और आंदोलन के मोर्चा संयोजक जगदीश यादव ने एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ से चर्चा में बताया कि उनके प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से मुलाकात की। इस दौरान शिक्षकों की तीनों प्रमुख मांगों पर चर्चा हुई। जगदीश यादव के मुताबिक, बातचीत सकारात्मक रही और मुख्यमंत्री ने जल्द समाधान निकालने का भरोसा दिया है।
TET पर पीएम मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से बात करेंगे मुख्यमंत्री
जगदीश यादव ने बताया कि शिक्षकों की प्रमुख मांग टीईटी की अनिवार्यता से राहत दिलाने की है। उन्होंने कहा कि टीईटी की परीक्षा निरस्त करना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। ऐसे में शिक्षकों ने मांग रखी कि इस मामले में सरकार की ओर से दायर क्यूरेटिव पिटीशन में उनका पक्ष मजबूती से रखा जाए। साथ ही, राज्य सरकार भी अपने स्तर पर क्यूरेटिव पिटीशन दायर करे।
जगदीश यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस मांग पर सहमति जताते हुए कहा है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस विषय पर बात करेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि मध्यप्रदेश में पहले शिक्षक भर्ती की नीतियां अलग थीं। वे केंद्र सरकार के सामने इस आधार पर प्रदेश के शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट देने का पक्ष रखेंगे।
क्यूरेटिव पिटीशन पर सहमति
मुलाकात के दौरान शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता से राहत दिलाने के लिए विधानसभा में विधेयक पारित कराने की मांग भी रखी। जगदीश यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस पर कहा कि ऐसा करना संभव नहीं है, क्योंकि इससे केंद्र और राज्य सरकारों के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है। हालांकि, उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से चर्चा करने का भरोसा दिया है। शिक्षकों ने यह मांग भी रखी कि क्यूरेटिव पिटीशन के मामले में सरकार उनका पक्ष मजबूती से रखे और राज्य सरकार भी अपने स्तर पर क्यूरेटिव पिटीशन दायर करे। जगदीश यादव के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने इस मांग पर सहमति जताई है।
पहली नियुक्ति से सेवा अवधि की गणना कर मिलेगा लाभ
शिक्षकों की दूसरी प्रमुख मांग सेवा अवधि की गणना को लेकर है। जगदीश यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने पहली नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि की गणना कर सभी संबंधित लाभ देने पर सहमति जताई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले का जल्द समाधान निकाला जाएगा। शिक्षकों की मांग है कि पहली नियुक्ति से उनकी सेवा की गणना होने पर उन्हें नियमानुसार मिलने वाले लाभ दिए जाएं।
ई-अटेंडेंस से नहीं कटेगा शिक्षकों का वेतन
ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर शिक्षकों को हो रही परेशानियों का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के सामने उठाया गया। जगदीश यादव के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-अटेंडेंस से शिक्षकों की उपस्थिति में सुधार हुआ है लेकिन व्यवस्था में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि ई-अटेंडेंस के कारण किसी शिक्षक का वेतन नहीं काटा जाएगा।
टीईटी का फॉर्म नहीं भरेंगे शिक्षक
जगदीश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ बातचीत सकारात्मक रही और उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही शिक्षकों की मांगों पर निर्णय लेगी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षक टीईटी का फॉर्म नहीं भरने के अपने फैसले पर कायम हैं। उनके मुताबिक, फॉर्म भरना और परीक्षा में शामिल होना शिक्षकों के अपने हाथ में है। शिक्षकों का आंदोलन टीईटी की अनिवार्यता, पहली नियुक्ति से सेवा अवधि की गणना और ई-अटेंडेंस से जुड़ी समस्याओं को लेकर चल रहा है। अब शिक्षक सरकार की ओर से इन मुद्दों पर ठोस निर्णय लिए जाने का इंतजार कर रहे हैं।
