छात्रावास की सीटें बढ़ाने के लिए छात्रों ने खोला मोर्चा हॉस्टल खाली कराने से नाराज, भूख हड़ताल का ऐलान
जर्जर भवन को खाली कराने की तैयारी से परेशान छात्र
छात्रावास में रहने वाले छात्रों का कहना है कि प्रशासन अब इस पुराने और जर्जर हो चुके भवन को गिराकर खाली कराने की तैयारी कर रहा है। बिना नया भवन बनाए इस तरह अचानक हॉस्टल खाली कराए जाने से सैकड़ों गरीब छात्रों की पढ़ाई अधर में लटक जाएगी। छात्रों का आरोप है कि वे कलेक्टर, विभाग के अफसरों और जनप्रतिनिधियों को कई बार लिखित में शिकायत दे चुके हैं, लेकिन आज तक किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया।
1980 के बाद से नहीं बढ़ीं छात्रावास की सीटें
यह संभागीय छात्रावास महज 100 सीटों का है, जिसमें संभाग और जिला स्तर के छात्रों के लिए 50-50 सीटें तय की गई हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि साल 1980 के बाद से आज तक यहां एक भी सीट नहीं बढ़ाई गई है, जबकि पढ़ाई करने आने वाले छात्रों की संख्या काफी बढ़ चुकी है। वहीं दूसरी तरफ, नवीन पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास पिछले 8 सालों से किराए की एक निजी बिल्डिंग में जैसे-तैसे चल रहा है।
यूनिवर्सिटी परिसर में ही नया भवन बनाने की मांग
छात्रों की मुख्य मांग है कि सम्राट विक्रमादित्य यूनिवर्सिटी परिसर में पड़ी सरकारी जमीन पर जल्द से जल्द नया छात्रावास भवन बनाया जाए। छात्रों का तर्क है कि वर्तमान जगह के पास में ही कॉलेज, कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी मौजूद हैं, जिससे उन्हें पढ़ाई करने में काफी सहूलियत मिलती है। ऐसे में अगर उन्हें शहर से दूर किसी दूसरी जगह भेजा गया, तो उनकी पढ़ाई का बहुत बड़ा नुकसान होगा।
12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी
छात्र प्रतिनिधि अखिलेश परमार ने साफ कहा है कि अगर 12 अक्टूबर तक प्रशासन ने नया भवन बनाने का लिखित भरोसा नहीं दिया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। छात्र 12 अक्टूबर से जिला संयोजक कार्यालय और कलेक्टर ऑफिस के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि जायज मांगों को लेकर ज्ञापन देने पर अधिकारियों द्वारा उनका हॉस्टल का एडमिशन रद्द करने की धमकी दी जाती है।
