रिंकू सिंह ने ठोका तूफानी शतक, एशिया कप 2025 के लिए प्लेइंग इलेवन के दावेदार बने
इस समय यूपी प्रीमियर टी20 लीग खेली जा रही है। इस बड़े टूर्नामेंट में भारत के यंग बल्लेबाज रिंकू सिंह भी खेल रहे हैं। हाल ही में रिंकू सिंह को एशिया कप के स्क्वाड में जगह मिली है, वहीं अब उन्होंने प्लेइंग इलेवन के लिए भी दावेदारी ठोक दी है। दरअसल, रिंकू सिंह ने 21 अगस्त को गोरखपुर लायंस के खिलाफ खेले गए मुकाबले में तूफानी शतक जड़ दिया। मेरठ मावेरिक्स की ओर से खेलते हुए रिंकू सिंह ने अकेले टीम को जीत दिला दी। उन्होंने 225 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए मात्र 48 गेंद पर 108 रनों की नाबाद पारी खेली।
दरअसल, गोरखपुर की टीम ने मेरठ के सामने मात्र 168 रनों का लक्ष्य रखा था। मेरठ मावेरिक्स के कप्तान रिंकू सिंह ने टीम को 6 विकेट से और 7 गेंद रहते ही जीत दिला दी। 168 रनों में से 108 रन रिंकू सिंह के बल्ले से निकले। इस दौरान अपनी पारी में रिंकू सिंह ने 7 चौके और 8 शानदार छक्के जड़े।
गोरखपुर लायंस ने 167 रन ही बनाए
वहीं, इस शानदार प्रदर्शन के चलते रिंकू सिंह को मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड दिया गया। मुकाबले पर नजर डाली जाए तो टॉस जीतकर गोरखपुर की टीम ने पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय किया था, जिसके चलते 20 ओवर में टीम 9 विकेट के नुकसान पर 167 रन ही बना पाई। इस कम स्कोर के चलते पहले ही अंदाजा लगाया जा रहा था कि मेरठ मावेरिक्स इस स्कोर को आसानी से चेज़ कर लेगी। दरअसल, मॉडर्न क्रिकेट में यह स्कोर बेहद ही छोटा माना जाता है। गोरखपुर की ओर से कप्तान ध्रुव जोरेल ने सबसे ज्यादा 38 रनों की पारी खेली। उनके अलावा निशांत कुशवाहा ने 37 रन बनाए। इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज 25 रन के आंकड़े को पार नहीं कर सका।
रिंकू सिंह का तूफान आया
वहीं, छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेरठ मावेरिक्स की टीम ने शानदार खेल दिखाया। हालांकि उनकी शुरुआत ज्यादा अच्छी नहीं रही। मात्र 38 के स्कोर पर टीम ने अपने चार अहम विकेट गंवा दिए। तभी नंबर पांच पर कप्तान रिंकू सिंह बल्लेबाजी करने आए। उन्होंने गोरखपुर के गेंदबाजों को बुरी तरह से धो डाला। हालांकि उन्होंने अपनी पारी की शुरुआत बेहद धीमी की थी। शुरुआती 34 गेंद में उन्होंने मात्र 58 रन ही बनाए थे। लेकिन इसके बाद उन्होंने आतिशी बल्लेबाजी शुरू की और मात्र 14 गेंदों पर 364.3 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 50 रन ठोक डाले और टीम को जीत दिला दी।
