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MP में कड़े इंतजाम, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले “सरकार पूरी तरह तैयार, पिछली बार जैसी स्थिति नहीं बनने देंगे

21 जून को होने वाले NEET-UG री-एग्जाम को लेकर मध्यप्रदेश सरकार द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ समन्वय करते हुए काम कर रही है ताकि पूरी पारदर्शिता, सुरक्षा और निष्पक्षता के साथ परीक्षा संपन्न हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते समय परीक्षा से जुड़े विवादों और पेपर लीक जैसी घटनाओं को देखते हुए इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि “हमारी सरकार भारत सरकार के साथ लगातार सहयोग में है। सारे प्रबंध किए जा रहे हैं। किसी कारण से भी दोबारा ऐसी नौबत न आए जो बीते समय हुई थी।” इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

सीएम ने नीट परीक्षा को लेकर दिए निर्देश 

मध्यप्रदेश में नीट परीक्षा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सारे आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परीक्षा की निष्पक्षता और सुचारू आयोजन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि बड़े शहरों और संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल, रिफ्रेशमेंट और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अभिभावकों के बैठने और प्रतीक्षा करने के लिए भी आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों की परीक्षा सुचारु रूप से संपन्न हो इसके लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

प्रदेशभर के परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक विवाद के बाद 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को निरस्त कर दिया था। इसके बाद केंद्र सरकार की मंजूरी से 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। परीक्षा ऑफलाइन (OMR) मोड में आयोजित होगी।

नीट री-एग्जाम को लेकर केंद्र सरकार ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों को परीक्षा समाप्त होने तक सुरक्षित और गोपनीय स्थानों पर अलग रखा गया है। मोबाइल फोन और इंटरनेट के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है ताकि किसी प्रकार की जानकारी बाहर न जा सके। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, पावर बैकअप, मेडिकल इमरजेंसी व्यवस्था, मॉक ड्रिल और परीक्षा के बाद फुटेज की फॉरेंसिक जांच जैसे प्रबंध किए गए हैं। NTA ने सुप्रीम कोर्ट को भी बताया है कि इस बार परीक्षा सुरक्षा को लेकर व्यापक संरचनात्मक सुधार लागू किए गए हैं।

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने, गड़बड़ी करने या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को पहले की तुलना में काफी मजबूत किया गया है और विभिन्न स्तरों पर निगरानी रखी जा रही है।

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