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आग की रोकथाम को ये मैनेजमेंट प्लान तैयार, शासन स्तर पर इसे लेकर मंथन शुरू

देहरादून :  उत्तराखंड में प्रतिवर्ष वनों में लगने वाली आग से परेशान वन विभाग अब संवेदनशील क्षेत्रों में कृत्रिम बारिश (क्लाउड सीडिंग) तकनीक अपनाने पर जोर दे रहा है। विभाग की ओर से जंगल की आग की रोकथाम के लिए तैयार किए गए मैनेजमेंट प्लान में भी इसे शामिल किया गया है।

शासन स्तर पर इसे लेकर मंथन शुरू हो गया है। मंगलवार को सचिवालय में प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु की अध्यक्षता में हुई बैठक में पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर क्लाउड सीडिंग के प्रयोग को धरातल पर उतारने को लेकर विमर्श किया गया

यह किसी से छिपा नहीं है कि राज्य में हर साल ही बड़े पैमाने पर वन संपदा आग की भेंट चढ़ जाती है। ऐसे में गर्मियों तो आग पर नियंत्रण के लिए विभाग को इंद्रदेव का मुंह ताकना पड़ता है। इसे देखते हुए वर्ष 2019 में क्लाउड सीडिंग के लिए कसरत हुई थी।

यह ऐसी तकनीक है, जिससे कहीं के बादल को कहीं लाकर बारिश कराई जा सकती है। विदेश में कई जगह इसका प्रयोग होता है। तब दुबई की एक फर्म से इसे लेकर बातचीत भी हुई, लेकिन यह मुहिम परवान नहीं चढ़ पाई थी

अब वन विभाग फिर से अग्नि नियंत्रण के लिए इस विकल्प को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है। विभाग की ओर से शासन को भेजे गए जंगल की आग की रोकथाम से संबंधित मैनेजमेंट प्लान में इसे शामिल किया गया है।

मैनेजमेंट प्लान में जंगल की आग की रोकथाम के दृष्टिगत सभी क्षेत्रों में क्विक रिस्पांस टीमों के गठन पर भी जोर दिया गया है। प्रमुख सचिव वन की अध्यक्षता में हुई बैठक में मैनेजमेंट प्लान को लेकर हुई चर्चा में इसे महत्वपूर्ण बताते हुए इसमें तेजी की जरूरत बताई गई।

प्लान में अग्नि नियंत्रण के लिए आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था, स्टाफ के लिए विशेष प्रकार की वर्दी, फायर लाइनों की साफ-सफाई, माडल कू्र-स्टेशनों की स्थापना जैसे विषय शामिल किए गए हैं।

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