सचिन बोले- सुलह कमेटी की सिफारिशें आगे बढ़ाएं, कार्यकर्ताओं को सरकार में भागीदारी का अहसास हो
जयपुर दिल्ली में राजस्थान के मंत्रिमंडल विस्तार और सियासी मुद्दों को लेकर सियासत गरमाई हुई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बैठक से पहले सचिन पायलट ने दिल्ली में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगापेाल से मुलाकात कर सुलह कमेटी की सिफारिशों को लागू करने का मुद्दा उठाया। पायलट ने मंत्रिमंडल विस्तार से लेकर राजनीतिक नियुक्तियों और संगठन में अपने कैंप के नेताओं को बराबर भागीदारी देने का मुद्दा उठाया। पायलट ने मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों पर जल्द फैसला करने को भी कहा है।
चुनाव सिर्फ 22 महीने दूर, सिफारिशें लागू हों
मंत्रिमंडल विस्तार में देरी के सवाल पर पायलट ने मीडिया से बातचीत में कहा- ‘एआईसीसी और मुख्यमंत्री आपस में चर्चा कर रहे हैं। इस पर मैं और कुछ नहीं कहूंगा। लेकिन, जो कमेटी सोनिया गांधी ने बनाई हैं, उसने गहन चर्चा की है। अब मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि इस पर आगे बढ़ने का हमें काम करना चाहिए। अब बहुत जल्द करना चाहिए, चुनाव 22 महीने दूर हैं। इस पर हमें जल्द निर्णय करना चाहिए और मुझे उम्मीद है कि इस पर जल्द फैसला होगा।’
कार्यकर्ताओं को सम्मान मिलने की बात पर शुरू से कायम
पायलट ने कहा- ‘आज केसी वेणुगोपाल से चर्चा हुई। हम लगातार प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, अजय माकन से मिलते रहते हैं। हम जरूरी बदलाव की मांग करते रहे हैं। सरकार बने अब तीन साल हो गए हैं। जो कांग्रेस के वर्कर हैं, जिन्होंने कांग्रेस के लिए सब कुछ कुर्बान किया, जिन्होंने कांग्रेस की सरकार बनाने में भूमिका निभाई उन्हें मान सम्मान देने की बात मैंने शुरू में रखी थी। उस पर आज भी कायम हूं।’
राजनीतिक नियुक्तियों में मिले भागीदारी
पायलट ने कहा- ‘हम सब नेता लोग तो भाषण देकर आते हैं, लेकिन वे लोग तो बूथ पर कांग्रेस का झंडा उठाकर लड़ाई लड़ते हैं। उन्हें मान सम्मन देने की बात मैंने शुरू में रखी थी और उस पर मैं आज भी कायम हूं। चाहे राजनीतिक नियुक्तियां हो भागीदारी की बात हो, जिन्होंने ने भाजपा की सरकार को हराने में समर्पित भाव से काम किया है। इतने सारे वर्कर्स को लगना चाहिए कि सरकार में हमारी भागीदारी हो।’
