Wed. Sep 23rd, 2026

MP के 97,882 आंगनवाड़ी केंद्रों पर 26 सितंबर से ‘आंगन मिलन सेवा’, बच्चों-माताओं की जांच से पोषण संवाद तक होंगे कार्यक्रम

भोपाल। मध्यप्रदेश के सभी 97,882 आंगनवाड़ी केंद्रों पर 26 सितंबर से ‘आंगन मिलन सेवा’ अभियान शुरू होने जा रहा है। 5 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान के तहत हर आंगनवाड़ी केंद्र पर तीन दिन अलग-अलग कार्यक्रम होंगे। इनमें बच्चों और माताओं की स्वास्थ्य जांच, पोषण पर बातचीत, बच्चों के लिए गतिविधियां और सरकारी योजनाओं से फायदा पाने वाली महिलाओं से संवाद शामिल है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों के साथ अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र केवल सरकारी योजनाओं का लाभ देने की जगह न रहें, बल्कि बच्चों और महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य और सीखने के साथ स्थानीय लोगों की भागीदारी का भी केंद्र बनें।

बच्चों की जांच, माताओं से पोषण पर होगी बात

अभियान के पहले दिन बच्चों के स्वास्थ्य और उनकी गतिविधियों पर फोकस रहेगा। आंगनवाड़ी केंद्रों पर 3 से 6 साल के बच्चों के लिए अलग-अलग गतिविधियां होंगी। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से स्वास्थ्य जांच और जरूरी सेवाएं भी दी जाएंगी।

गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों की माताओं और दूसरी महिला हितग्राहियों से भी बातचीत की जाएगी। गर्भावस्था और प्रसव के बाद देखभाल, संतुलित भोजन, एनीमिया, स्तनपान और छोटे बच्चों की देखभाल जैसे विषयों पर उन्हें जानकारी दी जाएगी। बच्चों को फल और मिठाई भी बांटी जाएगी।

इसी दिन आंगनवाड़ी केंद्रों पर पौधे लगाने और साफ-सफाई के कार्यक्रम होंगे। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं का सम्मान भी किया जाएगा।

योजनाओं से क्या बदला, महिलाएं खुद बताएंगी अपनी कहानी

दूसरे दिन ‘मेरी कहानी, मेरी सफलता’ के तहत उन महिलाओं और परिवारों से संवाद होगा, जिन्हें अलग-अलग सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है। वे बताएंगे कि योजना से उनके जीवन में क्या बदलाव आया।

इस दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, टेक होम राशन, गर्म पका भोजन और पोषण से जुड़ी दूसरी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। मंत्री निर्मला भूरिया ने अधिकारियों से कहा है कि यह जानकारी आसान और बोलचाल की भाषा में दी जाए।

हर केंद्र से सामने लाई जाएगी एक सफलता की कहानी

अभियान के दौरान हर आंगनवाड़ी केंद्र पर कार्यक्रमों के फोटो और वीडियो भी बनाए जाएंगे। इसके साथ कम से कम एक ऐसी कहानी का वीडियो तैयार किया जाएगा, जिसमें किसी योजना या पोषण सेवा से आए बदलाव को दिखाया जा सके।

इसमें कुपोषण से बाहर आए बच्चों और मातृ वंदना, लाड़ली लक्ष्मी, लाड़ली बहना सहित महिला एवं बाल विकास विभाग की दूसरी योजनाओं से जुड़े लोगों के अनुभव शामिल किए जा सकेंगे।

मंत्री भूरिया ने अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोगों की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं। अभियान के दौरान जिलों से हर दिन इसकी प्रगति और प्रमुख गतिविधियों की जानकारी राज्य स्तर पर भेजी जाएगी।

9 और 10 अक्टूबर को छह शहरों में बनेगी मानव रंगोली

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 9 और 10 अक्टूबर को एक और कार्यक्रम होगा। ‘सेवा के रंग—राष्ट्र के संग’ नाम से भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, झाबुआ और आलीराजपुर में बड़े मैदानों पर लोगों की भागीदारी से मानव रंगोली बनाई जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed