उज्जैन में 45 लाख की चांदी से सजे राजा गणेश, 20 किलो आभूषण और पारंपरिक बर्तनों से हुआ बप्पा का भव्य श्रृंगार
धार्मिक नगरी उज्जैन में गणेश उत्सव के आखिरी दिन एक बेहद अद्भुत नजारा देखने को मिला। यहां के पटनी बाजार स्थित सराफा बाजार में भगवान श्रीगणेश का 45 लाख रुपये की चांदी से भव्य श्रृंगार किया गया। सराफा यूथ फेडरेशन की ओर से सजाए गए इस पंडाल में बप्पा का रजत रूप देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शाम होते ही जैसे ही दर्शन शुरू हुए, पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा।
पंडाल में रखे गए राजा-महाराजाओं के दौर के बर्तन और गहने
इस विशेष सजावट के लिए करीब 20 किलो चांदी का इस्तेमाल किया गया है। पंडाल में राजा-महाराजाओं के जमाने के दुर्लभ एंटीक बर्तन और ऐतिहासिक आभूषण प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली चीज एक प्राचीन छड़ी और चांदी का नारियल है। सराफा यूथ फेडरेशन से जुड़े 10 से ज्यादा बड़े व्यापारियों ने मिलकर इस पूरे श्रृंगार को अंतिम रूप दिया और पंडाल को राजशाही लुक दिया।
हर साल नई थीम पर सजता है बप्पा का दरबार
सराफा यूथ फेडरेशन के अध्यक्ष प्रशांत सोनी ने बताया कि उनका संगठन पिछले 14 सालों से लगातार गणेश जी की स्थापना कर रहा है। समिति की कोशिश रहती है कि हर बार भक्तों को कुछ नया देखने को मिले। दो साल पहले पंडाल को असली भारतीय मुद्रा यानी नोटों से ढका गया था, जिसके बाद सोने के गहनों से श्रृंगार हुआ। इसी कड़ी में इस साल चांदी के एंटीक बर्तनों और गहनों की थीम रखी गई है।
रजत श्रृंगार के दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
जैसे ही बप्पा का यह अलौकिक रूप सामने आया, पटनी बाजार की गलियां भक्तों से खचाखच भर गईं। देर रात तक लोग परिवार समेत दर्शन करने और इस अनोखी सजावट की तस्वीरें कैमरे में कैद करने आते रहे। स्थानीय सराफा व्यापारियों का कहना है कि उज्जैन में इस तरह का प्रयोग पहली बार हुआ है। चांदी की चमक और प्राचीन आभूषणों की कारीगरी ने इस बार गणेशोत्सव में चार चांद लगा दिए हैं।
