Fri. Sep 25th, 2026

9000 छात्रों को अब मिलेगा पौष्टिक भोजन, 106 पिछड़ा वर्ग छात्रावासों में आधुनिक मेस शुरू, CM बोले-छात्रों के कल्याण के लिए नहीं रखेंगे कोई कमी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार, 24 सितंबर को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मध्य प्रदेश के 106 पोस्ट मेट्रिक छात्रावासों में आधुनिक मेस सुविधा का लोकार्पण किया। इससे करीब नौ हजार विद्यार्थियों को छात्रावास में ही पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सकेगा। इस पर राज्य सरकार द्वारा 8 करोड़ 61 लाख रुपए की राशि व्यय की गई है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा  कि बदलते दौर में छात्रावासों में आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। युवा भारत में मध्यप्रदेश सबसे युवा राज्य है, जहां पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को यह महत्वपूर्ण सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इस नई सुविधा से अब पिछड़ा वर्ग के बालक-बालिकाओं को छात्रावास में गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक भोजन प्राप्त होगा। प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों के कल्याण के लिए यह व्यवस्था लागू की है।

मुख्यमंत्री  यादव ने आगे कहा कि  गत लगभग डेढ़ दशक में पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को 13 हजार 500 करोड़ रुपए की सहायता राशि दी गई है। इन वर्षों में 5 करोड़ से अधिक पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को योजनाओं का सीधा लाभ मिला है। इस अवसर पर उन्होंने इंदौर, शाजापुर, उज्जैन, देवास, शिवपुरी, सतना और अशोकनगर के पिछड़ा वर्ग छात्रावासों में रहने वाली बेटियों से बात की। छात्राओं ने मुख्यमंत्री को आधुनिक मेस सुविधा प्रारंभ करवाने के लिए धन्यवाद दिया।

पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय छात्रावासों के समग्र विकास का संकल्प लिया, जिसे वे पूरा कर रहे हैं। टर्नकी प्रोजेक्ट के तहत छात्रावासों में आधुनिक किचन और डाइनिंग हॉल की व्यवस्था की गई है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह सुविधा उपयोगी है, जो अपने परिवार से दूर रहकर पढ़ाई के लिए आते हैं। नियमित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध होने से विद्यार्थी पढ़ाई के प्रति एकाग्र होंगे और ज्यादा अच्छे परिणाम प्राप्त करेंगे।

बता दें कि प्रदेश में अभी लगभग 9000 पिछड़ा वर्ग छात्रावास सीट्स हैं जिनमें 5200 बालकों और 3800 बालिकाओं के लिए रहने की सीट्स की व्यवस्था की गई है। जिला स्तरीय पिछड़ा वर्ग पोस्ट मेट्रिक छात्रावासों के प्रारंभ होने के बाद पहली बार विद्यार्थियों के लिए मेस व्यवस्था शुरू हुई है। यह विभाग के कार्यों में एक ऐतिहासिक कदम भी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed