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ग्वालियर में जमीन के विवाद में खूनी संघर्ष, हत्या 9 महीने पहले नोटरी पर खरीदे प्लॉट को लेकर हमला; 7 दिन बाद अस्पताल में मौत ग्वालियर23 घंटे पहले

ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र के भट्टपुरा में जमीन (पट्टे के प्लॉट) को लेकर चल रहा विवाद अब हत्या में बदल गया है। करीब 7 दिन पहले 29 सितंबर 2026 को नोटरी पर खरीदे गए प्लॉट को लेकर पड़ोसियों ने टैक्सी चालक मुनीष उर्फ मुनेश नागर पर जानलेवा हमला किया था।

हमले में गंभीर रूप से घायल मुनेश की रविवार को अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। सात दिन तक जिंदगी के लिए संघर्ष करने के बाद उसकी मौत की सूचना मिलते ही महाराजपुरा थाना पुलिस ने हत्या के मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।

महाराजपुरा के भट्टपुरा गांव निवासी रेनू नागर ने पुलिस को बताया था कि उनके पति मुनीष उर्फ मुनेश नागर ने करीब 9 महीने पहले समीर, मनीष और समर नाथ से गांव के पास पट्टे का एक प्लॉट नोटरी के माध्यम से खरीदा था।

इसी जमीन को लेकर गांव के पानसिंह लोधी, मोनू लोधी, पवन लोधी, भूपेंद्र लोधी और पवन उर्फ ‘मिर्च’ लोधी से विवाद चल रहा था। आरोपी पक्ष प्लॉट पर अपना हक जताता था। इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच कई बार बहस भी हो चुकी थी।

धमकी दी थी- इस जमीन पर रहने नहीं देंगे

रेनू के मुताबिक, कुछ दिन पहले आरोपियों ने मुनेश को धमकाया था कि उसे इस जमीन पर रहने नहीं देंगे। 29 सितंबर की दोपहर करीब 12 बजे मुनेश अपनी पत्नी रेनू के साथ घर के बाहर खड़े थे। तभी पानसिंह लोधी फावड़ा और मोनू लोधी लाठी लेकर वहां पहुंचे। दोनों ने गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया।

आरोप है कि पानसिंह ने मुनेश के सिर पर फावड़े से वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। मोनू ने मुनेश की पत्नी रेनू और बीच-बचाव करने आए बेटे आदित्य के सिर पर डंडे से हमला कर दिया। वहीं, पवन लोधी, भूपेंद्र लोधी और पवन उर्फ ‘मिर्च’ लोधी ने भी मारपीट की। आरोपियों ने आगे प्लॉट पर दिखाई देने पर जान से मारने की धमकी भी दी। हमलावरों के जाने के बाद घायलों को अस्पताल ले जाया गया।

JAH में 7 दिन चला इलाज, रविवार को मौत

घटना के बाद घायलों को जयारोग्य अस्पताल (JAH) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। मुनेश की हालत गंभीर होने के कारण उसका इलाज जारी था। करीब सात दिन बाद रविवार को उसने दम तोड़ दिया। मौत की सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

महाराजपुरा थाना पुलिस अब हत्या के प्रयास के मामले को हत्या में तब्दील करने की कार्रवाई कर रही है।

पत्नी और तीन बेटों की जिम्मेदारी थी

मुनेश के परिवार में पत्नी रेनू के अलावा तीन बेटे शिवेश, सौरभ और निशांत नागर हैं। तीनों की अभी शादी नहीं हुई है। परिवार की जिम्मेदारी मुनेश पर ही थी। उसकी मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है।

महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि घायल की मौत हो गई है। हत्या के प्रयास के मामले की जांच कर उसे हत्या की धाराओं में तब्दील किया जा रहा है।

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