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उज्जैन बनेगा वैश्विक हब, स्पिरिचुअल एंड वेलनेस समिट आज

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2025 को ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश में औद्योगिक विस्तार को गति देना, निवेश आकर्षित करना और रोजगार के व्यापक अवसर सृजित करना है। इसी क्रम में 5 जून को उज्जैन में आयोजित होने जा रही स्पिरिचुअल एंड वेलनेस समिट राज्य सरकार की विकासोन्मुखी सोच का सशक्त उदाहरण है। समिट का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे और ‘वेलनेस- एक नई सोच’ विषय पर फायरसाइड चैट में संवाद करेंगे। साथ ही, वे वेलनेस सेक्टर के निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकें कर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। इस समिट का प्रमुख उद्देश्य मध्यप्रदेश को वैश्विक वेलनेस हब के रूप में स्थापित करना है, साथ ही उज्जैन को वेलनेस सेक्टर की केंद्र-स्थली के रूप में अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाना है। समिट में योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, जनजागरूकता और वेलनेस आधारित उद्योगों में निवेश और सहयोग को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आयोजन में आयुष, पर्यटन एवं आनंद विभागों का समन्वित सहयोग लिया जा रहा है, जिससे यह समिट न केवल राज्य के लिए बल्कि राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंच पर एक प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज करा सके। कार्यक्रम के मुख्य सत्र को मुख्य सचिव अनुराग जैन संबोधित करेंगे, जबकि प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन विभाग वेलनेस सेक्टर पर भविष्य का रोडमैप प्रस्तुत करेंगे। परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के स्वामी चिदानंद सरस्वती आध्यात्मिक दृष्टिकोण से विचार व्यक्त करेंगे। समिट के दौरान मध्यप्रदेश: राइजिंग हब और उज्जैन: द एपिसेंटर ऑफ वेलनेस विषय पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जो राज्य की सांस्कृतिक, प्राकृतिक और औद्योगिक संभावनाओं को उजागर करेगा। वेलनेस समिट में दो प्रमुख पैनल चर्चाएं आयोजित होंगी। पहली चर्चा आइडियेटिंग द पार्टनरशिप मॉडल विषय पर होगी, जिसमें वेलनेस इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने, गुणवत्ता मानकों को बेहतर बनाने और वंचित क्षेत्रों में सेवा पहुंच बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। दूसरी पैनल चर्चा वेलनेस इकोसिस्टम और वर्कफोर्स डेवलपमेंट विषय पर केंद्रित होगी, जिसमें पारंपरिक औषधीय प्रणालियों के समावेश, अनुसंधान में निवेश तथा आधुनिक चिकित्सा के साथ तालमेल जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेषज्ञ प्रकाश डालेंगे। उज्जैन, अपनी धार्मिक गरिमा, शांत वातावरण, पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और सांस्कृतिक वैभव के कारण वेलनेस सेक्टर के लिए आदर्श स्थल माना जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस दिशा में पहल न केवल प्रदेश के लिए नए आर्थिक क्षितिज खोलने वाली है, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के द्वार भी खोलेगी। इस समिट के माध्यम से मध्यप्रदेश को वैश्विक वेलनेस मानचित्र पर एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है। इस समाचार विश्लेषण का लब्बोलुआब यह है कि सरकार की यह रणनीति, नवाचार और निवेश के त्रिसूत्रीय मार्गदर्शन पर आधारित है, जो मध्यप्रदेश को न केवल भारत में, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वेलनेस इंडस्ट्री के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की क्षमता रखती है। उज्जैन में होने वाली यह समिट विकास, रोजगार, निवेश और आध्यात्मिकता का संगम बनकर उभरे तो चौंकिएगा मत।

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