नौनिहालों के जीवन से खेल रहे थे 103 स्कूली वाहन, 93 का चालान, 10 सीज
राजधानी दून के साथ ही हरिद्वार, ऋषिकेश, विकासनगर, रुड़की में नौनिहालों के जीवन से खेल रहे 103 स्कूली वाहनों पर परिवहन विभाग ने अभियान चलाकर कार्रवाई की। टीम ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 93 वाहनों का चालान कर 10 वाहनों को सीज कर दिया।
आरटीओ प्रवर्तन के निर्देश पर राजधानी दून के अलावा हरिद्वार, ऋषिकेश, विकासनगर और रुड़की में विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान परिवहन विभाग के साथ ही सीबीएसई बोर्ड की गाइडलाइन और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले स्कूली वाहनों पर कार्रवाई की गई। इस दौरान तमाम ऐसी स्कूली बसें और वैनों को पकड़ा गया, जिसमें फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन उपकरणों तक की व्यवस्था नहीं थी। जबकि, स्कूली वाहनों में ये चीजें अनिवार्य हैं।
अभियान के दौरान एक निजी वाहन से भी बच्चों को ले जाया जा रहा था। इस पर वाहन को मौके पर ही सीज कर दिया गया। इसके अलावा कई चालकों के पास गाड़ियों के कागजात के साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिलने पर कार्रवाई की गई। जांच अभियान से स्कूल वैन और बस संचालकों में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
आरटीओ प्रवर्तन शैलेश तिवारी का कहना है कि आगे भी अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों का चालान करने के साथ ही उन्हें सीज किया जाएगा। स्कूली वाहनों को सीबीएसई बोर्ड के मानकों के विपरीत संचालित नहीं होने दिया जाएगा।
स्कूली वाहनों के लिए ये मानक हैं निर्धारित
– स्कूली बस-वैन पीले रंग में होना चाहिए।
– स्कूली बस और वैन पर स्कूल का नाम, मोबाइल नंबर अंकित होने चाहिए।
– बस-वैन में लोहे की जाली लगी होनी चाहिए। ताकि, बच्चों को सुरक्षित यात्रा कराई जा सके।
– बस और वैन लो फ्लोर की होनी चाहिए। निर्धारित मानक से अधिक बच्चे नहीं होने चाहिए।
– स्कूली वैन, बस में बच्चों के बैग रखने के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए।
– बच्चों को बिठाने के बाद मुख्य गेट बंद होने और उस पर ताला लगाने के बाद ही बस का संचालित किया जाना चाहिए।
– स्कूली वैन, बस के चालक का निर्धारित ड्रेस में होना चाहिए।
– स्कूली बस और वैन के चालक को किसी भी गाड़ी को ओवरटेक नहीं करना चाहिए।
– बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर ले जाते समय निर्धारित रफ्तार से ही गाड़ियों का संचालन होना चाहिए।
