मंदसौर के चार थानों को डीआईजी की फटकार, NDPS कार्रवाई में पिछड़े, पुराने केस जल्द निपटाने के निर्देश
मंदसौर जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति और अपराधों के खिलाफ उठाए जा रहे कदम की समीक्षा के लिए रतलाम रेंज डीआईजी निमिष अग्रवाल ने थाना प्रभारियों की एक समीक्षा बैठक ली। पुलिस कंट्रोल रूम में रखी गई इस बैठक में जिले के थाना प्रभारी और राजपत्रित पुलिस अधिकारी शामिल हुए।
ये समीक्षा बैठक दोपहर से लेकर देर शाम तक चली। बैठक के दौरान चोरी, नकबजनी, लूट, एनडीपीएस मामले, फरार आरोपियों और वारंटी के बारे में जानकारी ली। कुछ जगहों पर जरूरी कार्रवाई नहीं होने और मामले लंबित होने पर डीआईजी ने थाना प्रभारियों को फटकार भी लगाई
एनडीपीएस की कार्रवाई नहीं होने पर लगाई फटकार
डीआईजी ने सभी थाना प्रभारी को एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करने, मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और अपने मुखबिर तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए थे। जिन थाना क्षेत्र में पिछले कुछ समय से एनडीपीएस के तहत कोई कार्रवाई नहीं की गई थी उस पर नाराजगी जताई। सुवासरा और भावगढ़ सहित कुछ थानों में कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में डीआईजी ने थाना प्रभारी को सख्त लहजे में कहां है कि मादक पदार्थों से जुड़े मामले में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
एनडीपीएस मामले में गिरफ्तारी के निर्देश
बैठक के दौरान पुराने एनडीपीएस मामलों के बारे में भी जानकारी ली गई। गिरफ्तारियां और फरार आरोपियों की स्थिति की जानकारी लेते हुए जो फरार चल रहे हैं उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए। डीआईजी ने कहा कि मंदसौर ऐसा जिला है जो एनडीपीएस के लिहाज से संवेदनशील है। ऐसे में मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई करना जरूरी है।
